
कराची, 25 जुलाई। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की सिंध इकाई ने चेतावनी दी है कि यदि सिंधु के जल हिस्से को लेकर उसके अनुसार जारी “नाइंसाफी” दूर नहीं की गयी तो पार्टी पूरे प्रांत में अपने विरोध आंदोलन का विस्तार करेगी।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह घोषणा पीपीपी सिंध के अध्यक्ष निसार खुह्रो के नेतृत्व में सिंधु नदी के पानी की कथित “चोरी” के विरोध में लियारी में आयोजित रैली के दौरान की गयीं। “मरसूं, सिंधु ना देसूं” (हम मर जाएंगे, लेकिन सिंधु नदी नहीं सौंपेंगे) के नारे के साथ निकली यह रैली मूसा लेन से शुरू होकर लियारी गेट पर समाप्त हुई।प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पीपीपी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। पार्टी नेताओं यूसुफ बलोच, जावेद नागोरी, रऊफ नागोरी और खलील होथ भी रैली में मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां लेकर सिंध के जल अधिकारों की रक्षा की मांग करते हुए नारेबाजी की।श्री खुह्रो ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यदि कथित जल अन्याय जारी रहा तो पार्टी अपने विरोध अभियान के तीसरे चरण के तहत सिंध के सभी संभागों में बड़े जनसभा कार्यक्रम आयोजित करेगी। द न्यूज इंटरनेशनल के अनुसार, उन्होंने दावा किया कि शुक्रवार को सिंध के 130 स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किये गये। उन्होंने कहा, “पानी जीवन के लिए अनिवार्य है और किसी को भी लोगों को इस बुनियादी अधिकार से वंचित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”श्री खुह्रो ने आरोप लगाया कि वर्ष 1991 के जल बंटवारा समझौते के तहत सिंध को मिलने वाले हिस्से का पानी नहीं दिया जा रहा है और चश्मा-झेलम लिंक नहर, तौंसा-पंजनद लिंक नहर तथा जलालपुर नहर सहित विभिन्न नहरों के माध्यम से पानी का रुख मोड़ा जा रहा है।उन्होंने इन नहरों के संचालन को “असंवैधानिक” बताते हुए आरोप लगाया कि इससे सिंध की कृषि को नुकसान पहुंच रहा है और प्रांत की उपजाऊ भूमि खतरे में पड़ रही है। उन्होंने संघीय सरकार और इंडस रिवर सिस्टम अथॉरिटी (इरसा) की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि दोनों प्रांतों के बीच पानी का निष्पक्ष बंटवारा सुनिश्चित करने में विफल रहे हैं।श्री खुह्रो ने कहा कि पानी की कमी से सिंध प्रांत में फसलें प्रभावित हुई हैं और आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “पीपीपी कभी भी सिंधु नदी और उसके साथ प्रांत की अर्थव्यवस्था का गला घोंटने की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देगी।”उन्होंने जलालपुर नहर परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मामला अभी भी काउंसिल ऑफ कॉमन इंटरेस्ट्स (सीसीआई) के समक्ष लंबित है, इसके बावजूद नहर में पानी छोड़ दिया गया, जिसे उन्होंने असंवैधानिक कदम बताया।पीपीपी जिला दक्षिण के अध्यक्ष जावेद नागोरी ने भी रैली को संबोधित करते हुए कहा, “हमारा खून बह सकता है, लेकिन हम किसी को भी हमारा पानी छीनने नहीं देंगे।”पीपीपी नेतृत्व ने चेतावनी दी कि यदि सिंध की जल वितरण संबंधी चिंताओं का समाधान नहीं किया गया तो पार्टी प्रांत के प्रत्येक संभाग में बड़े पैमाने पर जनसभाएं आयोजित करेगी।