अखाड़ा परिषद में वर्चस्व की जंग तेज, प्रयागराज बैठक में दूसरे गुट ने 10 अखाड़ों के समर्थन का दावा

अखाड़ा परिषद में वर्चस्व की जंग तेज, प्रयागराज बैठक में दूसरे गुट ने 10 अखाड़ों के समर्थन का दावा

प्रयागराज, 26 जुलाई। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के नेतृत्व को लेकर चल रहा विवाद रविवार को और गहरा गया। हरिद्वार कुंभ से पहले साधु-संतों की सर्वोच्च संस्था में दो गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई तेज हो गई है। एक ओर महंत रविंद्र पुरी के नेतृत्व वाले गुट ने स्वयं को परिषद का वास्तविक प्रतिनिधि बताया है, वहीं प्रयागराज में जुटे दूसरे गुट ने इस दावे को खारिज करते हुए 10 अखाड़ों के समर्थन का दावा किया है।

कीडगंज स्थित श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन मुख्यालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता अखाड़ा परिषद के उपाध्यक्ष महंत दुर्गा दास महाराज ने की। बैठक में महानिर्वाणी, निर्मल, निर्मोही, बड़ा उदासीन और नया उदासीन समेत कई अखाड़ों के संत शामिल हुए।

बैठक में हाल ही में हरिद्वार में महंत रविंद्र पुरी और जूना अखाड़े के संरक्षक महंत हरि गिरी द्वारा आठ अखाड़ों के समर्थन का हवाला देते हुए अपने गुट को असली अखाड़ा परिषद घोषित किए जाने के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया गया।

महंत दुर्गा दास ने कहा कि जिन संतों के समर्थन का उल्लेख किया जा रहा है, उन्हें वर्ष 2023 में नया उदासीन अखाड़े से निष्कासित किया जा चुका है। ऐसे में उनके समर्थन को वैध नहीं माना जा सकता।

उन्होंने दावा किया कि उनके गुट को महानिर्वाणी, अटल, आवाहन, अग्नि, निर्मोही अणी, निर्वाणी अणी, दिगंबर अणी, निर्मल, बड़ा उदासीन और नया उदासीन सहित 10 अखाड़ों का समर्थन प्राप्त है। उनके अनुसार महंत रविंद्र पुरी के साथ केवल जूना, निरंजनी और आनंद अखाड़े का समर्थन है, इसलिए उन्हें अखाड़ा परिषद को लेकर भ्रम नहीं फैलाना चाहिए।

महंत दुर्गा दास ने कहा कि आगामी हरिद्वार, नासिक और उज्जैन कुंभ का संचालन उनके गुट के नेतृत्व में किया जाएगा। इस संबंध में कुंभ आयोजन वाले राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि विवाद जारी रहता है तो उनका गुट न्यायालय की शरण भी लेगा।

श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव महंत यमुना पुरी ने भी महंत रविंद्र पुरी के दावों को निराधार बताते हुए कहा कि निष्कासित संतों के समर्थन को मान्यता नहीं दी जा सकती। उन्होंने दोहराया कि उनके गुट को ही 10 अखाड़ों का समर्थन प्राप्त है।

महंत यमुना पुरी ने यह भी कहा कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेले की तैयारियों के संबंध में उत्तराखंड सरकार के साथ हुई बैठकों में भी उनके गुट ने ही भाग लिया था

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