
नयी दिल्ली 26 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27वें कारगिल विजय दिवस पर कारगिल के शहीदों को नमन करते हुए देशवासियों से सुरक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर भारत के लिए अपना संकल्प मजबूत करने का आह्वान किया है।श्री मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेड़ियो कार्यक्रम ”मन की बात” में करगिल विजय दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दिन को याद रखने के लिए हमें कलेंडर देखने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने कहा ,”यह दिन हमें गर्व से भर देता है। यह दिन हमें अपने वीर जवानों के अद्भुत साहस की याद दिलाता है। कारगिल की ऊंची- ऊंची चोटियों का कठिन मौसम और दुश्मन की चुनौती हर तरह की विषम परिस्थिति हमारे सैनिकों के सामने थी लेकिन उनका हौसला हर चुनौती से बड़ा था। उन्होंने मां भारती की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया”
उन्होंने कहा कि करगिल के शहीदों की वीरता के कारनामे और उनकी गाथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने की भावना से इस वर्ष 14 जुलाई को देश में एक विशेष और विजय यात्रा शुरू की जो राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से होकर कारगिल के युद्धस्मारक तक पहुंची। इसका संदेश है ‘वन नेशन, वन राइड, वन सेल्यूट” जो बताती है कि कारगिल के शहीदों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत अपने सैनिकों के साहस के साथ-साथ अपनी तकनीकी क्षमता को भी लगातार मजबूत कर रहा है। इसी कड़ी में कुछ दिन पहले भारतीय नौसेना में युद्धपोत आईएनएस महेंद्र गिरी शामिल किया गया। यह आधुनिक जंगी जहाज भारत में ही डिजाइन किया गया है, भारत में ही बना है और इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है यह आत्मनिर्भर भारत की शक्ति का प्रतीक है।
श्री मोदी ने लंबी दूरी के पिनाका राकेट और कुशा मिसाइल के सफल परीक्षण का भी उल्लेख किया और कहा कि यह हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों का सामूहिक परिश्रम है। उन्होंने भारत के बढते रक्षा निर्यात का भी उल्लेख किया और कहा कि कुछ देशों ने ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल की खरीद के लिए बड़ा समझौता किया है। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि दुनिया का भरोसा भारत के रक्षा उपकरण और तकनीक पर बढ़ रहा है। उन्होंने देशवासियों का आह्वान किया ,” इस कारगिल विजय दिवस पर हम अपने अमर शहीदों को नमन करें और एक सुरक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का अपना संकल्प और मजबूत करें।”