
मुरादाबाद, 27 जुलाई। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद मंडलायुक्त अदालत ने रामपुर जिला प्रशासन द्वारा प्रस्तावित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है।कमिश्नर कोर्ट के इस आदेश के बाद विश्वविद्यालय परिसर में अगले आदेश तक किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या बुलडोजर कार्रवाई पर विराम लग गया है। मामले की सुनवाई 28 जुलाई यानी मंगलवार को होनी थी, लेकिन दिवंगत अधिवक्ता आमोद कुमार अग्रवाल के निधन के कारण 28 जुलाई को शोक सभा (कंडोलेंस) तय होने की वजह से कमिश्नर कोर्ट ने एक दिन पूर्व यानी 27 जुलाई को ही यह रोक लगाते हुए कहा कि जब तक दोनों पक्षों की पूरी सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक रहेगी।
गौरतलब है कि आरडीए ने विश्वविद्यालय परिसर में बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) के तहत ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था। इस आदेश में परिसर के 40 में से 38 भवनों को अवैध घोषित करते हुए उन्हें गिराने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई थी। आरडीए के इस कदम के बाद जौहर ट्रस्ट ने कानूनी रास्ता अपनाते हुए पहले मंडलायुक्त न्यायालय और फिर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।ट्रस्ट का तर्क है कि प्राधिकरण ने सभी तथ्यों और दस्तावेजों पर समुचित विचार नहीं किया है। कमिश्नर कोर्ट द्वारा दी गई इस अंतरिम राहत से विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों और छात्रों को बड़ी राहत मिली है, वहीं अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट और कमिश्नर कोर्ट में होने वाली आगामी वैधानिक कार्रवाई पर टिकी हैं।