काशी से मुख्यमंत्री योगी, नितिन नवीन और संत गुरु निरंजन दास की मौजूदगी में शुरू होगा ‘समरसता संकल्प अभियान’

काशी से मुख्यमंत्री योगी, नितिन नवीन और संत गुरु निरंजन दास की मौजूदगी में शुरू होगा ‘समरसता संकल्प अभियान’

वाराणसी, 27 जुलाई। संत शिरोमणि सद्गुरु श्री गुरु रविदास महाराज के 650वें प्रकाश पर्व के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) देशव्यापी ‘श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान’ चलाएगी। अभियान का भव्य शुभारंभ 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के दिन संत रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर, वाराणसी से होगा। विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला 20 फरवरी, 2027 (माघ पूर्णिमा एवं संत रविदास जयंती) तक चलेगी।सोमवार को भाजपा अनुसूचित वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने सोमवार को सर्किट हाउस में बताया कि अभियान के शुभारंभ अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा डेरा सच्चखंड बल्लां के प्रमुख एवं संत रविदास जन्मस्थली के प्रमुख पूज्य संत श्री गुरु निरंजन दास महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज किसी एक समाज के संत नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के महान पथप्रदर्शक हैं। उनके ‘बेगमपुरा’ के समतामूलक आदर्श, सेवा, भक्ति और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। इसके माध्यम से समाज के सभी वर्गों में सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने तथा विकसित भारत के निर्माण में सर्वसमाज की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।श्री आर्य ने कहा कि संत रविदास महाराज का दिखाया मार्ग ही ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के संकल्प का मूल आधार है। यह अभियान सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का व्यापक जनआंदोलन बनेगा।

उन्होंने बताया कि अभियान की तैयारियों के तहत 19 जुलाई को नई दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई थी। इसके बाद 20 से 23 जुलाई तक प्रदेश स्तरीय तथा 25 से 27 जुलाई तक जिला स्तरीय कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं।उन्होंने बताया कि अभियान पांच प्रमुख चरणों में संचालित किया जाएगा। 29 जुलाई से 10 सितंबर, 2026 तक ‘श्री गुरु रविदास महाराज कलश वंदन अभियान’ राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला और मंडल स्तर पर चलेगा। 29 जुलाई से 31 अगस्त तक ‘संत संपर्क अभियान’ आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 5 अक्टूबर से 5 नवंबर, 2026 तक ‘श्री गुरु रविदास महाराज समरसता यात्रा’ जालंधर से काशी तक निकाली जाएगी। यह यात्रा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगी। इसके अतिरिक्त 26 नवंबर, 2026 से 15 जनवरी, 2027 तक ‘श्री गुरु रविदास महाराज छात्रावास संपर्क अभियान’ चलाया जाएगा।

उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने बताया कि अभियान के शुभारंभ के उपलक्ष्य में 28 और 29 जुलाई को वाराणसी में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 28 जुलाई को सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास जी की जन्मस्थली पर पावन माटी संग्रह एवं माटी पूजन होगा। इसके बाद श्री गुरु रविदास स्मारक स्थल से 131 कलशों के साथ जन्मस्थली मंदिर तक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जहां कलशों का विधिवत पूजन किया जाएगा।उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों तथा उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से कलश संग्रह टोलियां वाराणसी पहुंचेंगी और 131 कलशों के पूजन में सहभागी बनेंगी।

श्री अरुण ने बताया कि 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के दिन सीर गोवर्धनपुर से अभियान का औपचारिक शुभारंभ होगा। संत-महात्माओं और प्रबुद्धजनों की उपस्थिति में पावन मिट्टी युक्त कलशों का पूजन कर उन्हें विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि अतिथिगण सर्वप्रथम संत गुरु रविदास जी की जन्मस्थली मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे, इसके बाद स्मारक स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे।उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय और समरसता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके तहत गुरु पूर्णिमा से माघ पूर्णिमा तक देशभर के रविदास मंदिरों, छात्रावासों और गांवों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

अभियान के अंतर्गत ‘गुरु रविदास महाराज समरसता दीप अभियान’ भी चलाया जाएगा। इसके तहत श्री रविदास घाट पर 11,000 दीप तथा श्री रविदास स्मारक स्थल पर दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। 29 जुलाई को देशभर के संत गुरु रविदास महाराज के मंदिरों के साथ ही भाजपा के सभी मंडल स्तरों पर भी दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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