
लखनऊ, 28 जुलाई । बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की 38 शिक्षण इमारतों को ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई पर लगी रोक का स्वागत करते हुए कहा है कि यह फैसला उचित है।उन्होंने प्रदेश सरकार से अपील की कि नियमों के उल्लंघन के मामलों में शिक्षण संस्थानों पर बुलडोजर चलाने के बजाय उन्हें नियमानुसार नियमित करने की नीति अपनाई जाए, ताकि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो।
सुश्री मायावती ने मंगलवार को ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता मोहम्मद आजम खान के पारिवारिक ट्रस्ट द्वारा स्थापित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की 38 शिक्षण इमारतों को स्वीकृत नक्शे के अभाव में ध्वस्त करने की रामपुर विकास प्राधिकरण की कार्रवाई पर रोक लगना उचित है और इसका स्वागत किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि यह मामला केवल जौहर विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं है। यदि उत्तर प्रदेश में अन्य शिक्षण संस्थान भी निर्माण संबंधी सरकारी नियमों का पूरी तरह पालन नहीं कर पाए हैं, तो उन पर भी बुलडोजर चलाकर इमारतें तोड़ने के बजाय उन्हें नियमों के अनुरूप नियमित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
बसपा प्रमुख ने कहा कि सरकार को ऐसी नीति अपनानी चाहिए जिससे इन संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की पढ़ाई और भविष्य किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार बसपा की इस जनहितैषी सलाह पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।