
प्रयागराज, 28 जुलाई । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। अगले 10 से 15 दिनों में निचले एवं संवेदनशील इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ने की आशंका के मद्देनजर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने सोमवार शाम प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बाढ़ संभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ नगर निगम, तहसील प्रशासन तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की संयुक्त टीम मौजूद रही। टीम ने शहर के उन संवेदनशील क्षेत्रों का जायजा लिया, जहां नदियों के उफान पर आने के बाद सबसे पहले बाढ़ का पानी प्रवेश करता है।
जिलाधिकारी ने स्थानीय नागरिकों और क्षेत्रीय पार्षदों से संवाद कर उन्हें संभावित बाढ़ की स्थिति के प्रति सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि जैसे ही जलस्तर बढ़ना शुरू हो, लोग बिना विलंब सुरक्षित स्थानों अथवा प्रशासन द्वारा स्थापित निकटतम बाढ़ चौकियों एवं राहत शिविरों में पहुंच जाएं।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ चौकियों और राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, प्रकाश, दवाओं सहित सभी आवश्यक सुविधाएं समय रहते उपलब्ध करा दी जाएं। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, फॉगिंग तथा कीटाणुनाशक दवाओं के छिड़काव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि जलजनित एवं संक्रामक रोगों की रोकथाम की जा सके।