
नयी दिल्ली, 28 जुलाई। कांग्रेस ने लोकसभा में मंगलवार को आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं है औऱ सिर्फ दिखावा करने के लिए विधेयक लेकर आयी है।कांग्रेस के गौरव गोगोई ने ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि यह सरकार शिक्षा विभाग को लेकर गंभीर नहीं है। यह विधेयक सिर्फ दिखावा का है। इसे दो साल पहले विधेयक लाया गया था तब भी परीक्षा को लेकर लोगों के मन में व्यापक चिंता थी। उन्होंने कहा कि उस समय भी सरकार ने बड़े बड़े दावे किये गये थे लेकिन हासिल कुछ नहीं निकला। नीट पेपर लीक 2024 में 47 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया लेकिन उनमें से 42 लोग बरी हो गये। इसी प्रकार पेपर लीक से जुड़े आरोपियों को जमानत मिल गयी। यह कानून उस समय भी विफल था और अब भी यही हाल होगा। कानून अगर सशक्त था तो इतना बड़ा लीक कैसे हुआ।श्री गोगोई ने कहा कि लगातार शिक्षा मंत्री पेपर लीक के मामले को इनकार करते रहे। उन्होंने कहा कि पूर्व शिक्षा मंत्री जब कल संसद में आये तो उनका स्वागत किया गया। यह ऐसा था जैसे वे कोई बड़ा काम करके आये हों। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री परीक्षा व्यवस्था ठीक करने के बजाय इंस्टाग्राम पर ध्यान देने को कहते है। उन्होंने कहा कि दो साल पहले राधाकृष्णन कमिटी बनी पर फिर भी दो साल बाद इतना बड़ा पेपर लीक हुआ। उन्होंने कहा कि अभी हाल में एनटीए से 47 कर्मचारियों को निलंबित किया गया उसके बारे में सरकार को बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि एनटीए के डीजी को बदला और चेयरमैन को रखा। एनटीए के चेयरमैन पर इसलिए इतना विश्वास किया गया क्योंकि वह किसी विशेष संगठन से जुड़े हैं।उऩ्होंने कहा कि सरकार शिक्षा विभाग में सुधार नहीं चाहती है क्योंकि आरएसएस के लिए शिक्षा विभाग महत्वपूर्ण है। शिक्षा के माध्यम से आने वाले समय के आपके दल का सदस्य बने इस उद्देश्य से सरकार काम कर रही है। सरकार की छात्रों की भविष्य की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि श्री प्रधान के हटने से भी शिक्षा में कोई सुधार आयेगा हमे यह भरोसा नहीं है।कांग्रेस नेता ने कहा कि शिक्षा को लेकर देशभर के युवा सड़क पर आ गये। सरकार को उनकी पीड़ा समझनी चाहिए। विषम परिस्थियों में छात्र सड़कों पर सोने और भूख हड़ताल करने के लिए मजबूर हुए। उन्होेंने कहा कि आज का युवा बहुत दुखी और परेशान है जिसके कारण छात्र खुदकुशी कर रहे है। दिन प्रतिदिन छात्रों के खुदकुशी लगातार बढ रही है।
उन्होंने कहा कि आंदोलन में ऐसी बहुत से लड़कियां थी जो अपनी अगली पीढी की रक्षा के लिए आयी थी। उन्होंने कहा कि आंदोलन में युवाओं से डर खत्म हो गया। बच्चे शिक्षा के लिए लाठी खाने के लिए भी तैयार हुए। हमारा युवा शक्ति बहुत मजबूत और संघर्षशील है। युवाओं ने याद दिलाया कि सवाल पूछना हम सबका अधिकार है। छात्रों के साथ पूरे समाज को धन्यवाद करना चाहता हूं जिसने छात्रों की मदद की। उन्होंने कहा कि जहां पर हमने लोकतंत्र देखा वहीं पर इस सरकार की क्रूरता देखी। किस प्रकार एक पुलिस अधिकार ने एक लड़की के गाल पर थप्पड़ मारा। हम भूलेंगे नहीं कि लड़कियों के कपड़ों को पुलिस ने भाड़ दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि किसने आदेश दिया पेलेट गन का इस्तमाल किया। किसने आदेश किया कि लाठी पैरों पर नहीं सिर पर मारा जाये। सरकार और खासकर गृह मंत्री को इसका जवाब देना चाहिए। सरकार छात्रों के धरने को खत्म कर नहीं पायी इस विधेयक को लेकर आयी।