
लखनऊ, 6 अगस्त । समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रचार पर हजारों करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद सरकार अपनी छवि नहीं सुधार पाएगी, क्योंकि जनता का विश्वास अच्छे व्यवहार, जनहित के कार्यों और सुशासन से ही जीता जा सकता है।श्री यादव ने गुरुवार को ‘एक्स’ पर लिखा, “बनाने चले ब्रांड, बज गया बैंड। अब 7000 करोड़ रुपये एक साल में भी खर्च कर दें तो भी कुछ बदलने वाला नहीं।” उन्होंने भाजपा के “डबल इंजन” शासन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आपसी प्रतिस्पर्धा में “गुरु गुड़ रह गया, चेला शक्कर हो गया”, लेकिन अधिक मिठास के चक्कर में सब कुछ कड़वा हो गया।
उन्होंने कहा कि अच्छे व्यवहार, अच्छे कर्म और जनहित के कार्यों से बड़ा कोई प्रचार नहीं होता। सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों और कार्यशैली के कारण उसकी छवि पूरी तरह धूमिल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं, अधिकारियों, पत्रकारों और प्रोफेसरों के साथ दुर्व्यवहार, पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग पर हमले, जातीय पक्षपात, व्यापक भ्रष्टाचार, मंदिर चोरी के आरोपियों को दोषपूर्ण विशेष जांच दल (एसआईटी) के माध्यम से बचाने के प्रयास तथा प्रतिशोध की राजनीति ने सरकार की साख को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।श्री यादव ने आरोप लगाया कि सरकार ने घरों, मकानों, दुकानों से लेकर विश्वविद्यालयों तक को गिराने की नकारात्मक राजनीति की है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार अपनी छवि तो नहीं बना सकी, लेकिन अधिकारियों के घर और महल जरूर बन गए। प्रदेश के एक्सप्रेसवे को लेकर उन्होंने कहा कि जनता पूछ रही है कि लखनऊ से गोरखपुर के लिए कोई सीधी रेल सेवा है या नहीं, क्योंकि लोग भाजपा सरकार द्वारा बनाए गए एक्सप्रेसवे से यात्रा करने का जोखिम नहीं उठाना चाहते।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि “एक-दो” सामानों को छोड़कर बाकी वैध सामान ले जाने के लिए मूवर्स एंड पैकर्स भी तैयार बैठे हैं।