
लखनऊ, 6 अगस्त। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश की नई एकीकृत युवा नीति युवाओं की अपेक्षाओं, आकांक्षाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार की जाएगी। इसके लिए पहले 16 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की सोच, जरूरतों और आकांक्षाओं का व्यापक अध्ययन किया जाए।मुख्यमंत्री ने गुरुवार को युवा नीति के प्रारूप को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं के समग्र विकास की निगरानी के लिए विशेषज्ञों का एक स्वतंत्र आयोग गठित किया जाए। उन्होंने कहा कि नई युवा नीति शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वास्थ्य और नेतृत्व विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों को एकीकृत रूप से संबोधित करेगी, ताकि युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
उन्होंने अधिकारियों को सरदार वल्लभभाई पटेल इंडस्ट्रियल एंड एम्प्लायमेंट ज़ोन की स्थापना की प्रक्रिया शीघ्र प्रारम्भ करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और युवाओं को बेहतर औद्योगिक वातावरण मिलेगा।मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना’ को और अधिक प्रभावी बनाने तथा इसका विस्तार प्रदेश के प्रत्येक विश्वविद्यालय और महाविद्यालय तक करने की संभावनाओं पर विचार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
योगी आदित्यनाथ ने खेल गतिविधियों को युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने का प्रभावी माध्यम बताते हुए खेल अवसंरचना के विकास में तेजी लाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि खेल संस्कृति को बढ़ावा देकर स्वस्थ, अनुशासित और आत्मविश्वासी युवा शक्ति का निर्माण किया जा सकता है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि युवा नीति केवल एक सरकारी दस्तावेज न होकर प्रदेश के युवाओं के भविष्य की दिशा तय करने वाला व्यापक रोडमैप बने, जिसमें उनकी भागीदारी और सुझावों को भी समुचित महत्व दिया जाए।