
लखनऊ, 6 अगस्त। उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताते हुये मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार मानसूनी प्रणाली के मजबूत होने से आगामी चार से पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है।मौसम विभाग के अनुसार मानसूनी द्रोणी अपनी सामान्य स्थिति के निकट फिरोजपुर, रोहतक, कानपुर, डाल्टनगंज और दीघा होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। इसके साथ ही प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी भागों पर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण गंगा के मैदानी क्षेत्रों में मानसूनी प्रवाह मजबूत हुआ है। इसी वजह से प्रदेश में अगले चार से पांच दिनों तक व्यापक वर्षा तथा अगले 24 घंटों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।
मौसम विभाग ने छह अगस्त के लिए पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। सात और आठ अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना बनी रहेगी, जबकि नौ अगस्त को प्रदेश के दोनों हिस्सों में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। 10 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।पहले 24 घंटों के प्रभाव आधारित पूर्वानुमान के अनुसार प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, रायबरेली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन तथा हमीरपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा की आशंका है। वहीं बांदा, चित्रकूट, वाराणसी, जौनपुर, अमेठी, सुल्तानपुर, मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, झांसी और ललितपुर सहित अनेक जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
प्रदेश में अब तक हुई मौसमी वर्षा सामान्य से कम बनी हुई है। छह अगस्त तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में 314.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 27 प्रतिशत कम है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 317.4 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य से 13 प्रतिशत कम है। पूरे प्रदेश में अब तक 315.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से 21 प्रतिशत कम है।पिछले 24 घंटों के दौरान इटावा जिले के बढ़पुरा क्षेत्र में 126 मिमी तथा चकरनगर में 120 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो ‘बहुत भारी वर्षा’ की श्रेणी में रही। इसके अलावा बहराइच के कैसरगंज में 95 मिमी, मिर्जापुर के चुनार में 90 मिमी, वाराणसी (बीएचयू) में 85.6 मिमी तथा लखनऊ में 78.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, नदियों और जलाशयों के जलस्तर में वृद्धि, कच्चे एवं जर्जर मकानों को नुकसान, सड़क एवं रेल यातायात में बाधा तथा बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों, उफनते नालों और नदियों से दूर रहने, जलमग्न सड़कों को पार न करने तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।किसानों के लिए जारी परामर्श में खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करने, भारी वर्षा के दौरान उर्वरकों एवं रसायनों का प्रयोग न करने, धान, मक्का, अरहर, मूंगफली तथा सब्जी फसलों में जलभराव रोकने तथा केला और पपीता जैसी फसलों को सहारा देने की सलाह दी गई है, ताकि फसलों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।