
नयी दिल्ली 11 अगस्त । मुंबई-अहमदाबाद परियोजना काफी तेज रफ्तार से आकार रहे रही है। अगर सबकुछ ठीक रहा था, तो अगले साल अगस्त महीने में देश की पहली बुलेट ट्रेन पटरियों पर दौड़ने लगेगी।रेलवे ने मंगलवार को बताया कि मुंबई-अहमदाबाद तीव्र गति रेल गलियारे पर निर्माण कार्य तेजी चल रहा है और 508 किलोमीटर लंबे इस गलियारे में बिजलीकरण का काम जोर-शोर से चल रहा है।
रेलवे के अनुसार इस गलियारे में उन्नत 2×25 केवी ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन प्रणाली लगायी जा रही है, जो इस गलियारे में 320 किलोमीटर/घंटे तक की रफ़्तार से चलने वाली ट्रेनों को बाधा रहित बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।रेलवे ने बताया कि लगभग 22,000 स्टील मास्ट और 25,700 से ज़्यादा कैंटिलीवर असेंबली के सहारे बना यह सटीक इंजीनियरिंग वाला नेटवर्क सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ के दृष्टिकोण को मज़बूती करता है, क्योंकि इसके कई अहम पुर्जे भारत में ही बनाये जा रहे हैं।
गौरतलब है कि कैंटिलीवर असेंबली एक विशेष संरचना है, जिसका मुख्य उपयोग विद्युतकृत रेलमार्गों पर ओवरहेड ट्रैक्शन (ओएसई ) प्रणाली को सहारा देने के लिए किया जाता है।