मोसाद के पूर्व निदेशक ने ईरान के फोर्डो परमाणु स्थल का दौरा करने का किया दावा

मोसाद के पूर्व निदेशक ने ईरान के फोर्डो परमाणु स्थल का दौरा करने का किया दावा

यरूशलम, 11 अगस्त । मोसाद के पूर्व निदेशक योसी कोहेन ने अतीत में कई बार ईरान के फोर्डो यूरेनियम संवर्धन केंद्र का दौरा किये जाने का दावा किया है हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये दौरे कब किये थे और उनके साथ कौन लोग थे।श्री कोहेन ने सैफ़ेद में गैलीली फोरम में इजराइल के पत्रकारों से कहा, “हमने उस स्थल को समझने के लिए कई बार फोर्डो परमाणु स्थल का दौरा किया। अमेरिकियों द्वारा उस पर की गयी बमबारी मेरे सभी सपनों के पूरा होने जैसी थी।”

इसफ़हान और नतांज में ईरान के परमाणु केंद्रों के साथ-साथ फोर्डो को भी जून 2025 में 12 दिवसीय इजरायल-ईरान युद्ध के दौरान अमेरिकी हमलों से भारी नुकसान पहुंचा था।ऐसी खबरें भी सामने आयी थीं, जिनमें कहा गया कि इन स्थलों पर संग्रहित लगभग 440 किलोग्राम अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम दब गया था। बाद में इजराइल ने आकलन किया कि ईरान ने इसमें से कुछ सामग्री को पिकैक्स माउंटेन स्थल पर स्थानांतरित कर दिया होगा।

श्री कोहेन के अनुसार, 60 प्रतिशत तक अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम अभी भी “बम से बहुत दूर” है। उनका यह दावा डेविड अलब्राइट जैसे परमाणु विशेषज्ञों के आकलनों से अलग है। श्री अलब्राइट ने कहा है कि 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम को हफ़्तों या दिनों के भीतर ही हथियारों के श्रेणी वाले पदार्थ में और अधिक संवर्धित किया जा सकता है।श्री कोहेन ने इससे पहले भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाने वाले मोसाद के अभियानों के बारे में सार्वजनिक रूप से बात की है। एजेंसी छोड़ने के तुरंत बाद 2021 में एक टेलीविजन साक्षात्कार में उन्होंने कई अभियानों के बारे बताया था। ईरान में 2018 में तेहरान के एक गोदाम से परमाणु अभिलेखागार की चोरी के बारे में भी साक्षात्कार में उन्होंने बताया था।

उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि नतांज में ईरान के भूमिगत सेंट्रीफ्यूज केंद्र के एक हिस्से को नष्ट करने के पीछे खुफिया एजेंसी का हाथ था। उन्होंने इस बात की पुष्टि की थी कि ईरानी परमाणु वैज्ञानिक मोहसिन फ़खरीज़ादेह को वास्तव में एजेंसी ने ही खत्म किया था औऱ ईरान को परमाणु हथियार हासिल न करने की चेतावनी दी थी।मोसाद के पूर्व निदेशक ने चैनल 12 पर दिये साक्षात्कार में यह दर्शाया था कि वह ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे से भलीभांति परिचित थे।

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