पिछले 50 वर्षों में अमेरिका को हुए नुकसान के लिए ईरान दे मुआवजा : ट्रंप

पिछले 50 वर्षों में अमेरिका को हुए नुकसान के लिए ईरान दे मुआवजा : ट्रंप

वाशिंगटन, 11 अगस्त। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के सामने एक नई मांग रखते हुए पिछले 50 वर्षों के दौरान ईरान की ओर से पहुँचाए गए नुकसान के लिए अमेरिका को मुआवजा देने की मांग की है। इस मांग से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘होर्मूज जलडमरूमध्य’ को दोबारा खोलने को लेकर चल रहा गतिरोध और गहरा गया है।

श्री ट्रम्प की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब ईरान ने पाँच महीने के संघर्ष में हुए नुकसान के लिए अमेरिका से मुआवजा मांगा है। ईरान ने जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और प्रतिबंधों को खत्म करने जैसी शर्तें भी रखी हैं।

श्री ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “मैं भी ईरान से मुआवजे की मांग कर रहा हूँ।” उन्होंने दशकों में ईरानी गतिविधियों के कारण हुई मौतों और घायलों का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दिया है कि वे इसे भविष्य की सभी वार्ताओं में मजबूती से शामिल करें।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा कि ईरान को पिछले 50 वर्षों में अमेरिका को हुए नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी नौसेना का होर्मूज जलडमरूमध्य पर ‘100 प्रतिशत नियंत्रण’ है।

दोनों देशों की तरफ से आ रही परस्पर विरोधी मुआवजे की मांगों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि होर्मुज में नौवहन बहाल करने और इस गतिरोध को सुलझाने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच अभी भी बहुत दूरियाँ बनी हुई हैं। ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका-इजराइल के हमले से हुए नुकसान की भरपाई, अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने और नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त करने की माँग की है। इसके साथ ही, ईरान ने अपनी संपत्तियों पर से रोक हटाने और ओमान के साथ एक नई समुद्री यातायात व्यवस्था की भी मांग की है।

इस बयानबाजी के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौते की उम्मीदें और कमजोर हुई हैं। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम होने के कारण यह जलडमरूमध्य कूटनीतिक बातचीत के केंद्र में बना हुआ है। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से नई शर्तें सामने आने के बाद फिलहाल इसके जल्द खुलने की संभावना कम होती दिख रही है।

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