
नयी दिल्ली, 13 अगस्त। राष्ट्रपति भवन का विश्व प्रसिद्ध ‘अमृत उद्यान’ आम जनता के लिए 16 अगस्त से एक महीने के लिए खुलने जा रहा है।ग्रीष्मकालीन वार्षिकोत्सव के तहत यह उद्यान 16 अगस्त से 15 सितंबर तक सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक खुला रहेगा। उद्यान में हालांकि अंतिम प्रवेश शाम 5:00 बजे तक ही दिया जायेगा। रख-रखाव के लिए हर सोमवार को यह बंद रहेगा।
विशेष तिथियों की बात करें तो 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस पर खिलाड़ियों और पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर शिक्षकों के लिए उद्यान विशेष रूप से खोला जाएगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन से उद्यान के प्रवेश द्वार तक हर 30 मिनट में ‘शटल सेवा’ बस उपलब्ध रहेगी।आगंतुक परिसर के भीतर मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक चाबियां, पर्स, हैंडबैग, पानी-बच्चों के दूध की बोतलें और छाता ले जा सकेंगे। इसके अलावा अन्य कोई भी सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होगी। भ्रमण मार्ग पर पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा, रेन शेल्टर और रेस्ट रूम की व्यवस्था की गयी है।
उद्यान में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रहेगा और पर्यटकों का प्रवेश एवं निकास द्वार संख्या 35 से होगा। इसके लिए राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक वेबसाइट से ऑनलाइन टिकट बुक कराना होगा। मौके पर बुकिंग की सुविधा इस बार नहीं है।इस बार उद्यान में ‘समर एनुअल एडिशन-2026’ के तहत गुलमेहंदी, अपराजिता, कलिहारी और नागफना जैसी समृद्ध देशज-स्थानीय वनस्पतियां देखने को मिलेंगी। इसके अलावा सुकून देने वाला ‘बबलिंग ब्रुक’ जलप्रवाह, पिलखन वृक्ष के पास बनी गोलाकार कार्यशील ‘पुष्प घड़ी’, पौधों की जानकारी के लिए क्यूआर कोड तथा मशरूम आकार में छंटे मौलसरी व बरगद के उपवन मुख्य आकर्षण होंगे।
गौरतलब है कि वास्तुकला की उत्कृष्ट कृति माना जाने वाला और मुख्य इमारत से सटा यह उद्यान 15 एकड़ में फैला है। अपने पर्यावरण-अनुकूल परिवेश के कारण यह परिसर मोर, तोते, मैना, फाख्ता और कबूतर जैसे पक्षियों के साथ-साथ रंग-बिरंगी तितलियों का भी प्राकृतिक आवास है।संरचनात्मक दृष्टि से यह तीन भागों में बंटा है— मुख्य भवन से सटा आयताकार उद्यान, 12 फीट ऊंची दीवारों से घिरा ‘लॉन्ग गार्डन’ और पश्चिमी छोर पर स्थित ‘सर्कुलर गार्डन’ (पर्ल, बटरफ्लाई या सनकेन गार्डन)। इसके अलावा परिसर में बरगद के शांत उपवन और ‘प्लूमरिया गार्डन’ भी स्थित हैं।
परिसर की जल संरचनाओं में मुख्य उद्यान की उत्तर-दक्षिण व पूर्व-पश्चिम जलधाराएं इसे वर्गाकार खंडों में विभाजित करती हैं। इनके संगम पर बलुआ पत्थरों से तराशे गये तीन-स्तरीय फव्वारे लगे हैं, जिनमें एक निश्चित समय पर राष्ट्रपति भवन की भव्य इमारत का प्रतिबिंब दिखाई देता है। ‘सर्कुलर गार्डन’ के मध्य में ‘बबल फाउंटेन’ भी बनाया गया है।वनस्पतियों में यहां मशरूम आकार में छंटे मौलसरी (बाकुल), साइप्रस, चाइना ऑरेंज, कदंब, फाइकस, पुत्रंजीव, जुनिपर, जामुन, पाइन, अंजीर, नीम, सॉसेज ट्री, बरना और पिलखन जैसे विशाल वृक्ष मौजूद हैं।
इसके अतिरिक्त, लॉन्ग गार्डन में हाथियों की सूंड जैसी पत्थर की बीमों पर बनी परगोला संरचनाएं लताओं से ढकी हैं तथा दोनों छतदार उद्यानों के पश्चिमी छोर पर सुंदर ‘गजैबो’ बने हुए हैं।