
नयी दिल्ली, 13 अगस्त । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि बदलाव के लिए राजनीतिक शक्ति के साथ भारत की विविधता और हर व्यक्ति की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा जरूरी है इसलिए कांग्रेस बिना नफरत तथा हिंसा के अपनी इस लड़ाई को जारी रखेगी।श्री गांधी ने रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए गुरुवार को यहां कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोगों की आजादी छीनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भारत को किसी एक तय व्यवस्था में ढालने के बजाय देश के लोगों को अपनी बात कहने और अपनी पहचान के साथ आगे बढ़ने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आरएसएस की पुरानी ताकत छोटे कारोबारी और छोटे व्यवसायी थे लेकिन नोटबंदी और जीएसटी ने इन्हीं वर्गों को नुकसान पहुंचाया है। देश के छोटे कारोबारियों और परंपरागत व्यवसायों को नोटबंदी और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की वर्तमान व्यवस्था से नुकसान हुआ है। छोटे कारोबारी किनारे कर दिए गए और संगठन तथा भाजपा की राजनीति में बड़े पूंजीपति समूहों का प्रभाव लगातार बढ़ता गया।श्री गांधी ने मीडिया का भी जिक्र किया और कहा कि मीडिया के एक बड़े हिस्से पर भी कब्जा हो चुका है, लेकिन पत्रकारों को अपनी भूमिका निभाते हुए सच्चाई जनता तक पहुंचानी होगी। उनका कहना था कि मीडिया घराने के मालिकों को ऊपर से फोन आते हैं और खबरें तय करायी जाती है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय भावना होती है और इस राष्ट्रीय भावना का सीधा मतलब यह है कि भारत के लोगों को किसी ताकत के दबाव में अपनी आवाज नहीं दबानी चाहिए। किसी व्यक्ति को अपने धर्म, संस्कृति या विचारों की बात की अभिव्यक्ति से नहीं रोका जाना चाहिए। आप सिख हैं तो गुरु नानक की बात कर सकते हैं, मुसलमान हैं तो अल्लाह की बात कर सकते हैं, जैन हैं तो महावीर की और हिंदू हैं तो शिव की बात कर सकते हैं। जिसको जो बात करनी है, उसे बोलना चाहिए।विदेश नीति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरते हुए श्री गांधी ने कहा कि भारत को अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए सभी देशों के साथ संबंध रखने चाहिए। उन्होंने ईरान, अमेरिका और रूस के संदर्भ में कहा कि भारत के सामने वैश्विक स्तर पर अपनी भूमिका मजबूत करने का अवसर था, क्योंकि ईरान रूस अमेरिका भारत के मित्र राष्ट्र थे लेकिन भारत सरकार इसका लाभ नहीं उठा सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता देश की राजनीतिक संरचना को मजबूत करने और अपने समर्थक कारोबारी समूहों से आर्थिक सहयोग लेने तक सीमित हो गयी है।
श्री गांधी ने कहा “श्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी। यह लड़ाई नफरत और हिंसा के रास्ते पर नहीं, बल्कि देश की संस्कृति, भाईचारे, प्रेम और अहिंसा के रास्ते पर लड़ी जायेगी। जिस दिन तक नरेंद्र मोदी अपना इस्तीफा नहीं देंगे और अमित शाह नहीं हटेंगे, उस दिन तक हम उन्हें सोने नहीं देंगे। हम उन्हें जगाये रखेंगे—लेकिन बिना नफरत और बिना हिंसा के।”कांग्रेस नेता ने रचनात्मक कांग्रेस के उद्देश्य पर कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता और लोगों की अभिव्यक्ति में है और कांग्रेस का काम हर आवाज को जगह देना है।