
नयी दिल्ली, 13 अगस्त। कांग्रेस ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की पिछले दिनों हुई सभा वाले स्थल के ‘शुद्धिकरण’ के लिए हवन करने को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओछी मानसिकता करार देते हुए हुए इस कदम को संविधान और सामाजिक समानता की भावना के खिलाफ बताया है।
कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, विधानसभा में विपक्ष के नेता यशपाल आर्य तथा राज्यसभा सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल ने गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस घटना से भाजपा- आरएसएस की मानसिकता सामने आती है और स्पष्ट होता है कि चुनाव नजदीक आते ही किस तरह समाज को बांटने की राजनीति शुरू कर देते हैं। सुश्री सैलजा ने कहा कि उत्तराखंड में चुनाव नजदीक आते ही भाजपा की ‘शरारत’ शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि देहरादून में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को रोकने का प्रयास किया गया लेकिन कार्यक्रम सफल रहा। हल्द्वानी में श्री खरगे की सभा को भी कमजोर करने की कोशिश की गई लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं की एकजुटता से सभा सफल हुई। उन्होंने कहा कि इसके बाद सभा स्थल का शुद्धिकरण किया गया जो अत्यंत गंभीर और आपत्तिजनक है। उन्होंने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस मामले में जवाब मांगा है।श्री गोदियाल ने कहा कि 21वीं सदी में ऐसी घटना उत्तराखंड को शर्मसार करने वाली है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान निर्माताओं ने समानता और सामाजिक न्याय की व्यवस्था दी लेकिन आज भी कुछ ताकतें समाज में भेदभाव और विभाजन पैदा करने में लगी हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा यह घटना अत्यंत शर्मसार करने वाली है कांग्रेस पूरे राज्य में इसका विरोध करेगी। श्री गोदियाल ने कहा कि उन्होंने प्रदेश कांग्रेस के सभी जिलों में इस घटना का पुरजोर विरोध करने का आह्वान किया है।श्री आर्य ने कहा कि हल्द्वानी में श्री खरगे की सभा के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा हवन कर शुद्धिकरण किया जाना भाजपा की मानसिकता को स्पष्ट करता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सभी जातियों और समुदायों के बीच भाईचारे की पुरानी परंपरा रही है, लेकिन भाजपा की संकीर्ण सोच समाज में दरार पैदा करने की कोशिश कर रही है।
श्री सप्पल ने कहा कि संविधान और जनता की सेवा के पीछे जिन श्री खरगे का 60 वर्ष का स्वर्णिम इतिहास रहा है, अगर उनके साथ ऐसी घटना होती है और देश के गृहमंत्री चुप बैठे हैं तो सवाल उठता है कि क्या वह केवल इसलिए गृहमंत्री हैं कि युवाओं पर अत्याचार हो और विपक्ष संसद से बाहर रहे। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत गृहमंत्री को जो जिम्मेदारी मिली है, अमित शाह उसे पूरा नहीं कर रहे हैं।