उत्तर प्रदेश में सक्रिय मानसून से झमाझम बारिश, गंगा-यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी

उत्तर प्रदेश में सक्रिय मानसून से झमाझम बारिश, गंगा-यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी

लखनऊ, 14 अगस्त । उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता के चलते राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) समेत राज्य के विशेषकर पश्विमी इलाकों में शुक्रवार को झमाझम बारिश हुयी।मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पिछले 24 घंटे के दौरान वर्षा दर्ज की गई, जबकि कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा हुई। लगातार हो रही बारिश का असर प्रमुख नदियों के जलस्तर पर भी दिखाई देने लगा है। कानपुर,कन्नौज और प्रयागराज में गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जार रही है, हालांकि नदी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं।

विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में पूर्वी उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 124.6 मिमी वर्षा सीतापुर के भटपुरवाघाट में दर्ज की गई। इसके अलावा गोरखपुर के बर्डघाट में 101.8 मिमी, सीतापुर के नैमिषारण्य में 85.6 मिमी, कन्नौज में 81.8 मिमी तथा मिर्जापुर तहसील क्षेत्र में 77 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। कानपुर नगर के अंकिनघाट में 68.2 मिमी, महराजगंज के निचलौल में 52.1 मिमी तथा जौनपुर में 51.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई।पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 89.2 मिमी वर्षा मुरादाबाद के बिलारी क्षेत्र में दर्ज की गई। इसके अलावा रामपुर के कस्बा टांडा में 50.9 मिमी, मुरादाबाद में 34.5 मिमी, इटावा में 34.2 मिमी तथा झांसी में 29.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

कानपुर से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार जिले में गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी का क्रम जारी है। बाढ़ नियंत्रण कार्यालय, लोअर गंगा कैनाल (एलजीसी) के अनुसार शुक्रवार सुबह आठ बजे कानपुर बैराज के अपस्ट्रीम में जलस्तर 113.620 मीटर तथा डाउनस्ट्रीम में 113.470 मीटर दर्ज किया गया। बैराज से 2,96,693 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। यहां चेतावनी स्तर 114.000 मीटर तथा खतरे का स्तर 115.000 मीटर निर्धारित है। खतरे के स्तर पर डिस्चार्ज 5,44,373 क्यूसेक माना जाता है। शुक्लागंज गेज स्टेशन पर गंगा का जलस्तर 112.230 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां चेतावनी स्तर 113 मीटर और खतरे का स्तर 114 मीटर निर्धारित है। वर्तमान स्थिति में नदी दोनों स्तरों से नीचे बह रही है।ऊपरी क्षेत्रों में भी जल प्रवाह बढ़ा हुआ है। हरिद्वार बैराज से 75,344 क्यूसेक तथा नरोरा बैराज से 1,11,969 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में गंगा के मैदानी क्षेत्रों में जलस्तर में और वृद्धि की संभावना बनी हुई है।

प्रयागराज में लगातार बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आ रहे पानी के कारण गंगा और यमुना के जलस्तर में वृद्धि हुई है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में नैनी में यमुना का जलस्तर 30 सेंटीमीटर बढ़कर 76.20 मीटर पहुंच गया। गंगा का जलस्तर छतनाग में 33 सेंटीमीटर बढ़कर 75.84 मीटर तथा फाफामऊ में सात सेंटीमीटर बढ़कर 78.60 मीटर दर्ज किया गया। नैनी में 20.4 मिमी, छतनाग में 22 मिमी तथा फाफामऊ में 10 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। हालांकि तीनों गेज स्टेशनों पर जलस्तर अभी खतरे के निशान 84.734 मीटर से काफी नीचे है और सभी तटबंध सुरक्षित हैं।आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अनुसार शुक्रवार को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा होने की प्रबल संभावना है। प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर वज्रपात तथा भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी भी जारी की गई है।

मौसम विभाग ने अपने सात दिवसीय पूर्वानुमान में कहा है कि 15 से 18 अगस्त के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा गतिविधियां जारी रहेंगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17 और 18 अगस्त को अधिकांश स्थानों पर तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। 16 और 17 अगस्त को दोनों उप-भागों में कहीं-कहीं भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है।मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव, नदी तटीय क्षेत्रों में सतर्कता तथा वज्रपात के दौरान खुले स्थानों में न रहने की सलाह दी है। प्रशासन भी प्रमुख नदियों के जलस्तर और तटबंधों की लगातार निगरानी कर रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *