
सना, 16 अगस्त । यमन में हूती समूह ने मोखा और मारीब में मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिये हैं। सरकारी बलों और स्थानीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार का समर्थन करने वाले नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज ने बताया कि एक मिसाइल मोखा में गिरी। राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के सदस्य तारिक सालेह के नेतृत्व वाले इन बलों ने हमले में किसी के हताहत होने या नुकसान के बारे में तत्काल जानकारी नहीं दी।मारीब में प्रांतीय सरकार के मीडिया कार्यालय के अनुसार, शनिवार शाम छह बैलिस्टिक मिसाइलों और चार ड्रोन से रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया। हमलों में चार लोग घायल हुए तथा मकानों, वाहनों और अन्य नागरिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा।
बयान के अनुसार, एक मिसाइल मारीब शहर के उत्तर में अल-शरीका इलाके की एक बेकरी पर गिरी, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, कई अन्य घनी आबादी वाले इलाकों को भी निशाना बनाया गया।मारीब प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रिहायशी इलाकों, विस्थापितों के शिविरों और नागरिक प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों की निंदा करने की अपील की। उसने इन घटनाओं को संभावित अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून उल्लंघनों के रूप में दर्ज किये जाने की भी मांग की। हाल के दिनों में मोखा और मारीब पर हूती हमलों की कई घटनाएं सामने आयी हैं। अल-जौफ, अल-दालेआ और ताइज के कुछ हिस्सों में भी लड़ाई तेज हुई है।
यमन में अप्रैल 2022 के बाद संघर्ष में अपेक्षाकृत शांति बनी हुई थी। इससे पहले 2014 में हूतियों ने राजधानी सना और देश के कई अन्य हिस्सों पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और हूतियों के बीच वर्षों तक संघर्ष चला। हालिया हिंसा से यमन में पहले से गंभीर मानवीय और आर्थिक संकट और गहरा होने की आशंका है। देश की मानवीय स्थिति पहले ही दुनिया की सबसे खराब स्थितियों में शामिल है।