हवाई जहाज हमला मामले में यूएई ने दिए जांच के आदेश, आतंकवादी साजिश के पहलू की भी जांच

हवाई जहाज हमला मामले में यूएई ने दिए जांच के आदेश, आतंकवादी साजिश के पहलू की भी जांच

दुबई, 01 अक्टूबर। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने दुबई से तेल अवीव जा रही ‘फ्लाईदुबई’ की उड़ान में कॉकपिट के भीतर एक पायलट पर हुए चाकू से हमले की घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिये हैं। यूएई के अधिकारी इस बात की गहनता से जांच कर रहे हैं कि क्या यह घटना किसी ‘आतंकवादी गतिविधि’ से जुड़ी है या इसे पहले से नियोजित साजिश के तहत अंजाम दिया गया था।यूएई के अटॉर्नी-जनरल हमद सैफ अल शम्सी ने बुधवार को फ्लाइट एफजेड 1073 में हुई इस वारदात की जांच के निर्देश

दिये हैं। कॉकपिट में हुई इस हिंसक झड़प के बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक शहर की ओर मोड़ना पड़ा था। यूएई की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, जांच एजेंसी घटना की परिस्थितियों और इसके पीछे के वास्तविक कारणों की पड़ताल करेगी। यूएई सरकार ने स्पष्ट किया है कि चूंकि यह विमान उनके देश में पंजीकृत है और उसके ध्वज तले इसका संचालन होता है, इसलिए यूएई के कानून के तहत उसके न्यायिक अधिकारियों को इस मामले की सुनवाई और जांच का पूर्ण अधिकार है, भले ही अपराध देश की सीमा से बाहर हुआ हो।फ्लाईदुबई ने एक बयान में पुष्टि की है कि कॉकपिट में एक ‘आपसी झड़प’ हुई थी, जिसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से तबूक हवाई अड्डे पर उतारा गया। एयरलाइन ने कहा कि घटना के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चला है और जांच जारी रहने तक किसी भी तरह के समय-पूर्व अनुमान से बचने की सलाह दी है। यूएई के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने कहा है कि विमान में एक सुरक्षा संबंधी घटना हुई थी, जिस पर तुरंत नियंत्रण पा लिया गया।

इजरायली अधिकारियों के अनुसार, उड़ान के दौरान ओमान नागरिकता वाले सह-पायलट ने मुख्य पायलट भारतीय नागरिक कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया और कॉकपिट के भीतर ही उन पर चाकू से कई वार किये। हमले के तुरंत बाद विमान अचानक अनियंत्रित होकर महज 30 सेकंड के भीतर लगभग 14,000 फुट नीचे गिर गया। इस दौरान विमान में अफरा-तफरी मच गयी, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हस्तक्षेप किया।कॉकपिट में मौजूद कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने अंदर घुसकर हमलावर सह-पायलट को दबोच लिया। विमान में यात्री के रूप में सफर कर रहे फ्लाईदुबई के दो अन्य ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने तुरंत कॉकपिट का नियंत्रण संभाला और जहाज को तबूक में सुरक्षित लैंड कराया। इस घटना के 10 घंटे से अधिक समय बाद यात्रियों को दूसरे वैकल्पिक विमान से तेल अवीव भेजा गया।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि इस हमले के पीछे क्या मंशा थी, क्या सह-पायलट के साथ कोई अन्य मददगार शामिल थे या इसमें ईरान की कोई भूमिका थी।’फॉक्स न्यूज’ को दिये एक साक्षात्कार में श्री नेतन्याहू ने कहा कि हमलावर पायलट से फिलहाल सऊदी अरब में पूछताछ की जा रही है और जल्द ही उसे यूएई लाया जा सकता है, जहां से उसने उड़ान भरी थी। उन्होंने कहा कि इजरायल इस जांच पर पूरी नजर रखेगा और इसमें शामिल होने की कोशिश करेगा। इजरायली अधिकारियों ने बताया कि घटना के समय विमान में 174 लोग सवार थे, जिनमें से अधिकांश इजरायली नागरिक थे। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि राजदूत दीपक मित्तल और दुबई में महावाणिज्य दूत विष्णु वर्धन रेड्डी ने कैप्टन स्मित के परिवार से मुलाकात कर भारत सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया है। दूतावास ने कहा कि भारत को कैप्टन स्मित के असाधारण साहस और निस्वार्थ सेवा पर गर्व है।कैप्टन स्मित मच्छार के पास हवाई जहाजों को उड़ाने का 13 से अधिक वर्षों का अनुभव है और वे मुख्य रूप से बोइंग 737 विमानों पर लगभग 9,750 घंटे उड़ान भर चुके हैं। इससे पहले वे करीब 11 वर्षों तक स्पाइसजेट के साथ लाइन ट्रेनिंग कैप्टन के रूप में काम कर चुके हैं। इस घटना के बाद फ्लाईदुबई ने इजराइल के लिए अपनी सभी उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।

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