
नयी दिल्ली 19 अगस्त । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को यहां जापान के रक्षा मंत्री शिंजीरो कोइजुमी के साथ द्विपक्षीय बैठक में रक्षा संबंधों को और मजबूत बनाने, रणनीतिक विश्वास तथा सहयोग बढ़ाने, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता एवं सुरक्षा को बढ़ावा देने पर चर्चा करेंगे।रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि दोनों नेताओं की वार्ता के दौरान सहयोग के नए क्षेत्रों का पता लगाने पर भी बातचीत होगी।
जापान सरकार द्वारा इस वर्ष अप्रैल में रक्षा उपकरण एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के तीन सिद्धांतों की समीक्षा के बाद दोनों मंत्री ‘मेक-इन-इंडिया’ प्रारूप के अंतर्गत गहन समुद्री सुरक्षा सहयोग और रक्षा उपकरण एवं प्रौद्योगिकी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। यह बैठक द्विपक्षीय रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक कार्ययोजना तैयार करने का अवसर प्रदान करेगी।भारत की अपनी पहली यात्रा पर आए श्री शिंजीरो ने आज मुंबई स्थित पश्चिमी नौसेना कमान का दौरा किया, जहां उन्होंने नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन और पश्चिमी नौसेना कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल संजय वत्सयान के साथ चर्चा की। जापानी प्रतिनिधिमंडल को भारतीय नौसेना की भूमिकाओं, जिम्मेदारियों और परिचालन क्षमताओं के बारे में जानकारी दी गयी।
श्री शिंजीरो ने पश्चिमी नौसेना कमान में गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। इससे पहले, उन्होंने नौसेना गोदी में गौरव स्तंभ पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने स्वदेशी जहाज आईएनएस चेन्नई का भी दौरा किया।भारत और जापान के मजबूत संबंध स्वतंत्र, खुले, सुदृढ़ और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण को दर्शाते हैं। जापानी रक्षा मंत्री की दो दिवसीय यात्रा द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में बढ़ती गति को रेखांकित करती है और साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित भी करती है। यह यात्रा जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच यहां वार्षिक शिखर सम्मेलन के कुछ सप्ताह बाद हो रही है। इसमें दोनों पक्षों ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति व्यक्त की थी।