
पुणे, 18 अगस्त (वार्ता) पेप्सिको इंडिया ने पुणे स्थित अपने विनिर्माण संयंत्र में पिछले 25 साल में 600 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।कंपनी ने संयंत्र के 25 साल पूरे होने के मौके पर बुधवार को बताया कि वर्ष 2001 में शुरू हुआ यह संयंत्र 15 एकड़ में फैला है और आज कंपनी के प्रमुख विनिर्माण केंद्रों में शामिल है। इस संयंत्र में लेज, कुरकुरे, चीटोस, सॉलिड मस्ती और अंकल चिप्स का उत्पादन होता है। इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 62,100 टन है।
कंपनी की प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि पिछले 25 वर्षों में प्लांट में 600 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। यह पेप्सिको की ‘इन इंडिया, फॉर इंडिया’ सोच और स्थानीय स्तर पर विनिर्माण को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्लांट से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 1,400 लोगों को रोजगार मिलता है।पेप्सिको में भारत और दक्षिण एशिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जागृत कोटेचा ने कहा, “पुणे प्लांट पिछले 25 वर्षों से पेप्सिको इंडिया की विकास यात्रा का अहम हिस्सा रहा है। इस दौरान प्लांट की उत्पादन क्षमता छह गुना बढ़ी है और करीब 1,400 लोगों की आजीविका को समर्थन मिला है। पुणे प्लांट नवाचार और स्थिरता के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण पहलों का केंद्र रहा है। यह देश में हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और स्थानीय साझेदारियों की ताकत को दर्शाता है।”
कंपनी ने बताया कि पेप्सिको पॉजिटिव के तहत पुणे संयंत्र में ऊर्जा और जल संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संयंत्र अपनी 98.6 प्रतिशत ऊर्जा जरूरतें नवीकरणीय ऊर्जा से पूरी करता है और लगातार छह वर्षों से जीरो लैंडफिल वेस्ट का दर्जा बनाये हुए है। नवंबर 2022 से यह जीरो लिक्विड डिस्चार्ज की उपलबधि भी हासिल कर रहा है।