
नयी दिल्ली 24 अगस्त । विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को क्रेमलिन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और कहा कि भारत-रूस आर्थिक सहयोग में महत्वपूर्ण बढोतरी हुई है।बैठक में दोनों पक्षों ने व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की।
दो दिन की रूस यात्रा पर गए श्री जयशंकर ने बैठक के शुरू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं और उनका व्यक्तिगत संदेश राष्ट्रपति पुतिन तक पहुंचाया। साथ ही, उन्होंने इस वार्ता से पहले हुई भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की बैठक के परिणामों के बारे में भी उन्हें जानकारी दी।विदेश मंत्री ने श्री पुतिन से कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाओं से शुरुआत करना चाहता हूं। उन्होंने मुझे एक व्यक्तिगत संदेश दिया है, जिसे मैं आपको सौंपना चाहता हूं।” आयोग की बैठक में चर्चाओं का उल्लेख करते हुए श्री जयशंकर ने कहा कि द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग का आकलन सकारात्मक रहा।
उन्होंने कहा, “कुल मिलाकर, मुझे लगता है कि हमारा आर्थिक सहयोग बहुत महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा है।” श्री जयशंकर ने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच आगामी मुलाकातों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में रूसी नेता से मिलने और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए उनका भारत में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।शंघाई सहयोग संगठन के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद का 26वां वार्षिक शिखर सम्मेलन 31 अगस्त से एक सितंबर तक किर्गिस्तान के बिश्केक में होगा। अठारहवां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 से 13 सितंबर तक राजधानी दिल्ली में आयोजित किया जायेगा। इस वर्ष भारत इस समूह की अध्यक्षता कर रहा है और इसकी थीम “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” है।
विदेश मंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन में आपसे मिलने, फिर ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत में आपका स्वागत करने और, उचित समय पर, आपसी सुविधा के अनुसार वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित करने के लिए उत्सुक हैं।”श्री पुतिन ने कहा कि यह बैठक कई दशकों में भारत और रूस के बीच बने संबंधों की गहराई को दर्शाती है। उन्होंने राजनीतिक, संसदीय और आर्थिक क्षेत्रों में फैले सहयोग को भी रेखांकित किया।
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों के बीच पिछले वर्ष मामूली गिरावट के बाद इस वर्ष द्विपक्षीय व्यापार में फिर से वृद्धि हो रही है। उन्होंने इसमें प्रधानमंत्री मोदी के संबंधों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने श्री जयशंकर से श्री मोदी को अपनी शुभकामनाएं देने को कहा और एससीओ शिखर सम्मेलन में उनसे शीघ्र मिलने की आशा व्यक्त की।श्री पुतिन ने ऊर्जा और उर्वरक को द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया और कहा कि रूस भारत को उर्वरकों की आपूर्ति बढ़ाने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने परमाणु ऊर्जा, उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों और अन्य क्षेत्रों में सहयोग का भी उल्लेख किया, जो पारंपरिक क्षेत्रों से आगे आर्थिक संबंधों को व्यापक बनाने के प्रयासों का संकेत देता है।
इससे पहले सोमवार को श्री जयशंकर ने रूस के फर्स्ट डिप्टी प्राइम मिनिस्टर डेनिस मंतुरोव के साथ व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग के 27वें सत्र की सह-अध्यक्षता की।आयोग ने व्यापार और निवेश, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु ऊर्जा, प्रौद्योगिकी तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की।