न्यूजीलैंड सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया से प्रतिबंधित करने के लिए संसद में विधेयक पेश करेगी

न्यूजीलैंड सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया से प्रतिबंधित करने के लिए संसद में विधेयक पेश करेगी

वेलिंगटन, 24 अगस्त । न्यूजीलैंड की सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया से प्रतिबंधित करने के लिए संसद में विधेयक पेश करेगी।न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने सोमवार को बताया कि देश का हर तीसरा बच्चा प्रतिदिन सोशल मीडिया पर औसतन पांच घंटे गुज़ारता है। उन्होंने चेतावनी दी कि ये प्लेटफ़ॉर्म ऐसी तकनीक पर चलते हैं जिनकी लत लग सकती है और जिनका असर उनके पारिवारिक जीवन, नींद, रिश्तों, मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई पर पड़ता है।

अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनी ‘एक्स’ पर एक वीडियो बयान में उन्होंने कहा कि लगभग 40 प्रतिशत किशोरों ने अफ़सोस जताया कि सोशल मीडिया का आविष्कार ही क्यों हुआ। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया “उन्हें (बच्चों को) नुकसान पहुंचा रहा है।” यह विधेयक सोमवार को कानून बनाने वालों के सामने पेश किया जाना था।

अगर यह कानून बन जाता है, तो सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म जवाबदेह होंगे और नियमों का पालन न करने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। विधेयक के तहत, इंस्टाग्राम, टिकटॉक, स्नैपचैट, फेसबुक, यूट्यूब और एक्स जैसे ज़्यादा जोखिम वाले प्लेटफ़ॉर्म को उम्र की पुष्टि के लिए उचित उपाय करने होंगे, जैसे कि चेहरे का अनुमान लगाना, डिजिटल आईडी या आधिकारिक पहचान दस्तावेज़ों का इस्तेमाल करना।

नियमों का पालन न करने वाली कंपनियों पर उनकी सालाना वैश्विक कमाई का 10 प्रतिशत तक जुर्माना लग सकता है। श्री लक्सन की गठबंधन सहयोगी पार्टियां एसीटी और ‘न्यूज़ीलैंड फ़र्स्ट’ इस उपाय का विरोध कर रही हैं, जिसका मतलब है कि विधेयक पारित करने के लिए सत्ताधारी ‘नेशनल पार्टी’ को विपक्ष के समर्थन की ज़रूरत होगी। न्यूज़ीलैंड भी अब उस बढ़ते अंतरराष्ट्रीय अभियान में शामिल हो गया है जिसका मकसद नाबालिगों की सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म तक पहुंच को सीमित करना है।

ऑस्ट्रेलिया 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए देशव्यापी सोशल मीडिया प्रतिबंध लागू करने वाला पहला देश बना है जो दिसंबर 2025 में प्रभावी हुआ। वहीं, फ़्रांस, ब्रिटेन, डेनमार्क, मलेशिया और इंडोनेशिया ने भी नाबालिगों को हानिकारक एल्गोरिदम और डिजिटल कंटेंट से बचाने के लिए ऐसे ही उपाय लागू किये हैं या प्रस्तावित किये हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Designed and Developed by Prakhar Dixit