
तेहरान/इस्लामाबाद, 25 अगस्त। ईरान और अमेरिका के बीच ठप पड़े शांति समझौते को फिर से शुरू करने के प्रयासों के तहत पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने तेहरान का दौरा किया है।ईरानी मीडिया और संसदीय समिति के अनुसार, जनरल मुनीर ने अमेरिकी संदेशवाहक की भूमिका निभाते हुए अमेरिका का प्रस्ताव ईरानी नेतृत्व तक पहुंचाया है, ताकि दोनों देश जून में हुए समझौते की शर्तों पर वापस लौट सकें।
ईरानी संसद की विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष अब्बास गोलरू ने बताया कि अमेरिका ने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के जरिये ईरान को शांति वार्ता में लौटने का आग्रह किया है।श्री गोलरू के अनुसार, “अमेरिकियों ने पाकिस्तानियों से कहा है कि वे ईरानी पक्ष से बात करें, ताकि ईरान राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल हो और दोनों देश आगे बढ़ सकें।”
दूसरी ओर, ईरान के वार्ता दल से जुड़े सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल कोई धमकी भरा संदेश लेकर नहीं आया था, बल्कि वह बातचीत का रास्ता खोलने में मदद कर रहा है।ईरान ने पाकिस्तान के जरिये अमेरिका के समक्ष अपनी मुख्य शर्त रखी है कि अमेरिका जून में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच हुए सहमति पत्र को पूरी तरह लागू करे।
ईरान ने विशेष रूप से सहमति पत्र की धारा पांच का जिक्र किया है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही से जुड़ी है। इसके तहत ईरान ने 60 दिनों के लिए जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने की बात कही थी, जिसके बदले अमेरिका को सैन्य कार्रवाई तुरंत और स्थायी रूप से रोकनी थी।ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने अपनी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखकर इस समझौते का उल्लंघन किया है।
ईरानी नेतृत्व ने साफ किया है कि वे देश के हितों की रक्षा करने वाली कूटनीति के लिए तैयार हैं, लेकिन अमेरिका की दोहरी नीति या अनुचित मांगों को स्वीकार नहीं करेंगे। अमेरिका-ईरान के बीच जुलाई की शुरुआत में युद्ध विराम टूटने के बाद से गतिरोध बना हुआ है और पाकिस्तानी सेना प्रमुख अब ईरानी रुख से अमेरिका को अवगत करायेंगे।