
नयी दिल्ली, 27 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की चार दिन की यात्रा पर जायेंगे जहां वह बिश्केक में 26 वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जार्ज ने गुरुवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री की यात्रा के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि श्री मोदी 29 और 30 अगस्त को उज्बेकिस्तान में तथा 31 अगस्त से एक सितम्बर तक किर्गिज गणराज्य में रहेंगे।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर ताशकंद जाएंगे और यह इस देश की उनकी यह चौथी यात्रा होगी। वह इससे पहले 2015, 2016 और 2022 में उज्बेकिस्तान गये थे। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति 2018 में भारत आये थे और 2019 में उन्होंने वाइब्रेन्ट गुजरात सम्मेलन में हिस्सा लिया था। इसके अलावा दोनों नेताओं ने वर्ष 2020 में वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन में हिस्सा लिया था।
इस दौरान दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश , रक्षा , ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय वार्ता होगी । इसके अलावा क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है।श्री जार्ज ने कहा कि उज्बेकिस्तान से श्री मोदी किर्गिज गणराज्य के राष्ट्रपति सादिर जापारोव के निमंत्रण पर बिश्केक जाएंगे जहां वह 26 वें एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि एससीओ की स्थापना मुख्य रूप से आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद की तीन बुराइयों का मुकाबला करने के उद्देश्य से की गई थी और ये सभी आज भी चुनौती बने हुए हैं।
शिखर सम्मेलन से इतर श्री मोदी की रूस के राष्ट्रपति के साथ-साथ अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता की भी संभावना है।एससीओ देशों के साथ भारत के निरंतर मजबूत हो रहे संबंधों के मद्देनजर इस यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।