देश विरोधी संघी हैं अंडरग्राउंडी, अनरजिस्टर्ड और सुरंगवादी : अखिलेश

देश विरोधी संघी हैं अंडरग्राउंडी, अनरजिस्टर्ड और सुरंगवादी : अखिलेश

इटावा, 28 अगस्त। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए शुक्रवार को कहा कि जो लोग सवालों से घबराते हैं, वे लोकतंत्र को मजबूत नहीं कर सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग अंडरग्राउंडी, अनरजिस्टर्ड और सुरंगवादी हैं तथा उनसे देशहित में कोई उम्मीद नहीं की जा सकती।श्री यादव रक्षाबंधन के अवसर पर सैफई स्थित सपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गरीब का बच्चा पढ़ेगा तो सवाल करेगा और अपने अधिकारों को समझेगा। शिक्षित समाज ही अच्छे-बुरे का अंतर समझकर सवाल करता है। जो सवालों से घबराएगा, वह लोकतंत्र को कैसे मजबूत करेगा।

सपा प्रमुख ने कहा, “इस देश में एक ही संकट है, वह भारतीय जनता पार्टी है। भाजपा हटेगी तो कई संकट खत्म हो जाएंगे।” उन्होंने कहा कि भाजपा से अब कोई उम्मीद नहीं की जा सकती और उसका समय भी खत्म हो गया है। उन्होंने सवाल किया कि चुनाव आने वाला है, कहीं चंदे के लिए महंगाई तो नहीं बढ़ रही है।जेपीएनआईसी का जिक्र करते हुए श्री यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) को बेच दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा के गठन के समय समाजवादी छवि प्रस्तुत करने के लिए जयप्रकाश नारायण की तस्वीर का इस्तेमाल किया जाता था। उन्होंने सवाल किया कि जो लोग जेपी को बेच दें, उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है।

किसानों की समस्याओं को लेकर उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों पर संकट लाने वाले लोग भाजपा में हैं। उन्होंने कहा, “पहले बोरी से चोरी होती थी, अब पूरी बोरी ही चोरी हो गई।” उनका आरोप था कि किसानों को जरूरत के समय खाद नहीं मिल रही है और मक्का, आलू समेत कई फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। लागत बढ़ने के बावजूद किसान को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा।श्री यादव ने बड़े उद्योग समूहों के साथ सरकार के समझौतों पर भी सवाल उठाया और कहा कि तीन कृषि कानूनों के विरोध के बाद भले ही वे कानून लागू नहीं हो सके, लेकिन उसी दिशा में दूसरे रास्तों से काम किया जा रहा है। इससे खेती के किसान के हाथ से निकलने का खतरा है।

महंगाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि त्योहार आते ही आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ जाते हैं। चीनी, पेट्रोल-डीजल और रोजमर्रा का सामान महंगा होने से लोगों की खरीदारी प्रभावित हुई है और त्योहारों की रौनक फीकी पड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उद्योगपतियों को मुनाफा कमाने की खुली छूट दे रही है। मध्य प्रदेश के भाजपा नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के चीनी के सेवन से संबंधित कथित बयान पर उन्होंने कहा कि ऐसे बयान संवेदनहीनता की हद पार करते हैं।आरएसएस पर निशाना साधते हुए सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि संघ देश के इतिहास को बदलने की कोशिश में लगातार जुटा हुआ है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को बढ़ावा न देने के पीछे भी यही मानसिकता है। उन्होंने कहा कि सैफई और लखनऊ में नए प्राथमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बनाने का निर्णय लिया गया था, क्योंकि पुराने विद्यालयों की हालत ठीक नहीं थी, लेकिन जो विद्यालय बनने शुरू हुए थे, उनकी भी स्थिति खराब कर दी गई।

मुख्यमंत्री पर हमला करते हुए श्री यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री बुलडोजर लेकर घूमते हैं, लेकिन बिना नक्शा पास कराए बने घर में चाय पीने चले गए। उन्होंने कहा कि अब कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री का बुलडोजर इसका क्या जवाब है।नेपाल में प्राकृतिक आपदा पर दुख जताते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि ऐसी घटनाओं की वैज्ञानिक और तकनीकी माध्यमों से समय रहते जानकारी मिलनी चाहिए। उपग्रह जैसी आधुनिक तकनीक का बेहतर इस्तेमाल कर जनहानि को कम किया जा सकता है। उन्होंने सरकार से आपदा से निपटने के लिए पहले से तैयार रहने की अपील की और मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए भारत सरकार से नेपाल को हरसंभव मदद देने का आग्रह किया।

रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह बहनों की रक्षा के संकल्प का पर्व है। आज महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का भी संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीडीए में आधी आबादी महिलाओं की है और आने वाली समाजवादी सरकार में महिलाओं के हित एवं सम्मान को प्राथमिकता देते हुए निर्णय लिए जाएंगे।श्री यादव ने कहा कि पिछले पांच हजार वर्षों से संघर्ष चल रहा है और इसका अंत आने वाले समय में होगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से एकजुट होकर समाजवादी पार्टी को मजबूत करने की अपील की।

रक्षाबंधन के अवसर पर अखिलेश यादव सुबह करीब 10 बजे अपने चाचा और पार्टी के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव के आवास पर पहुंचे। उन्होंने उन्हें पर्व की शुभकामनाएं दीं और आशीर्वाद लिया। दोनों के बीच करीब 20 मिनट तक मुलाकात हुई। इसके बाद अखिलेश यादव सपा कार्यालय पहुंचे, जहां प्रो. रामगोपाल यादव भी उनके साथ पहुंचे।

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