
नई दिल्ली, 30 अगस्त । भारत और उज्बेकिस्तान ने भूविज्ञान और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में सहयोग सहित 11 विभिन्न क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का भी निर्णय लिया है।
उज्बेकिस्तान की दो दिन की यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजधानी ताशकंद में रविवार को राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों नेताओं की मौजूदगी में इन समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों के बीच जिन 11 क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों और समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं उनमें सांस्कृतिक आदान-प्रदान, प्राचीन बौद्ध स्थलों का संरक्षण, अभिलेखीय सहयोग, आयुर्वेद, भूविज्ञान और खनिज संसाधन, पर्यटन, राजनयिक प्रशिक्षण, आर्थिक और वित्तीय संवाद, पर्यावरण संरक्षण, उच्च शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान तथा गुजरात और उज्बेकिस्तान के समरकंद क्षेत्र के बीच साझेदारी शामिल है।
भारत ने अरल सागर क्षेत्र में वनीकरण के लिए 10 लाख डॉलर का अनुदान और हिंदी भाषा के लिए 100 छात्रवृत्तियों वाली लाल बहादुर शास्त्री छात्रवृत्ति की भी घोषणा की। एन पी सी आई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड और उज्बेकिस्तान के नेशनल इंटरबैंक प्रोसेसिंग सेंटर ने भारतीय यू पी आई ऐप को उज्बेकिस्तान में व्यापारिक भुगतानों के लिए राष्ट्रीय कोड को स्कैन करने में सक्षम बनाने के लिए एक वाणिज्यिक समझौता भी किया है।