
काठमांडू, 30 अगस्त। नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद ऊपरी त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की एक सुरंग में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश तेज हो गयी है और नेपाली सेना ने सुरंग के मुहाने का पता लगा लिया है। सुरंग में कम से कम 35 लोगों के फंसे होने की आशंका है।
नेपाल पुलिस के अनुसार, सुरंग में करीब 200 भी फंसे हो सकते हैं, हालांकि अब तक अंदर से बचाव दल को कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इस बीच, बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में अब तक 9,435 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, जबकि मृतकों की संख्या बढ़कर 797 हो गयी है और नेपाल तथा तिब्बत में कुल 3,048 लोग अब भी लापता हैं।
नेपाली सेना की टीम पिछले तीन दिनों से सुरंग तक पहुंचने की कोशिश में जुटी थी। विशेषज्ञों ने रविवार दोपहर छेद करने वाली मशीनों, खुदाई करने वाली मशीनों और दबावयुक्त कटर की मदद से सुरंग के ऊपरी हिस्से में रास्ता बनाया। करीब सात मीटर व्यास वाली सुरंग में पानी काफी ऊंचाई तक भरा हुआ है। बचाव दल बनाये गये रास्ते से सुरंग के भीतर दाखिल भी हुआ, लेकिन आवाज देने पर कोई जवाब नहीं मिला। अब बड़े उपकरणों की मदद से रास्ता चौड़ा करने और विस्फोट के जरिए बचाव कार्य को आसान बनाने की तैयारी है।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, नेपाल सरकार ने बचाव अभियान में भारत और चीन से भी मदद मांगी है। चीन की विशेषज्ञ टीम तापीय कैमरे, सुरंग में छेद करने वाले उपकरण और हवा पहुंचाने वाले यंत्र लेकर नेपाल पहुंची है। भारत ने भारतीय वायुसेना की विशेष टीम के साथ जरूरी उपकरण और शवों की पहचान के लिए डीएनए नमूने लेने वाले विशेषज्ञ भेजे हैं। दोनों देशों की टीमें उन जलविद्युत परियोजनाओं का निरीक्षण कर चुकी हैं, जहां बचाव दल अभी तक नहीं पहुंच पाए हैं।
नेपाल में राहत और बचाव अभियान के लिए सुरक्षा बलों के 20,618 जवान तैनात हैं। हेलीकॉप्टरों के जरिए भी लोगों को निकाला जा रहा है। नेपाल में 781 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 2,502 लोग लापता हैं, जबकि चीन के कब्जे वाले तिब्बत में 16 लोगों की मौत हुई है और 546 लोग लापता हैं। बड़ी संख्या में शव बरामद होने के कारण अज्ञात शवों की पहचान प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।
इस बीच नेपाल को अंतरराष्ट्रीय मदद भी मिल रही है। संयुक्त अरब अमीरात ने 83 टन आपात मानवीय सहायता और जरूरी सामान लेकर एक विमान भेजा है। इससे पहले यूएई ने बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के लिए एक करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता का ऐलान किया था। अमेरिका ने भी नेपाल के लिए 36 लाख डॉलर से ज्यादा की मानवीय सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नेपाल को 1.5 लाख डॉलर मानवीय सहायता के रूप में जारी किये हैं।