
मेरठ, 01 सितम्बर। किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने मंगलवार को मेरठ मंडलायुक्त कार्यालय का घेराव कर महापंचायत शुरू कर दी है, जिसमें समस्याओं का समाधान होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई है।इसके तहत बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में तिरंगा लगाकर तिरंगा रैली के रूप में आज कमिश्नरी चौराहा पहुंचे। किसानों की भीड़ बढ़ने के साथ चौराहा और आसपास के मार्ग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से भर गए और यातायात प्रभावित हो गया। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी मंच पर पहुंचे और किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि समस्याओं का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। महापंचायत में भाषणों के अलावा रागिनी कार्यक्रम भी चलता रहा।
महापंचायत की शुरुआत भगवान श्री गणेश और मां सरस्वती की आरती से हुई जिसके बाद किसानों की संख्या लगातार बढ़ती गई। सिख समाज से जुड़े किसानों ने महापंचायत में पहुंचे लोगों के लिए हलवे की सेवा भी की। काफी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में कुर्सियां, गद्दे और भोजन-पानी का सामान लेकर भी पहुंचे हैं।भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के अनुसार, संगठन ने गत 21 जुलाई को किसानों की समस्याओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था और इनके समाधान के लिए समय दिया गया था। उनका आरोप है कि तय अवधि बीतने के बावजूद समस्याओं पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई जिससे किसानों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों पर ठोस समाधान नहीं होता किसान महापंचायत से नहीं हटेंगे।
उल्लेखनीय है कि किसानों की प्रमुख शिकायतों में नलकूप कनेक्शनों का मनमाने ढंग से लोड बढ़ाया जाना, बढ़े हुए बिजली बिल और पेनल्टी की वसूली, जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाना तथा रात में देर से नलकूपों को बिजली मिलना शामिल है। किसानों ने नलकूपों पर चोरी की घटनाओं पर भी नाराजगी जताई है।इसके अलावा सहकारी समितियों पर खाद की कमी और कथित कालाबाजारी, ऋण पर अधिक ब्याज वसूली, चीनी महंगी होने के बावजूद बोनस नहीं मिलने तथा गन्ने का भुगतान समय से नहीं होने के मुद्दे भी उठाए गए। नगर निगम में शामिल गांवों में सड़क, बिजली और पानी की सुविधाओं की स्थिति तथा जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने में कथित अनियमितताओं को लेकर भी किसान नाराज हैं।
भाकियू ने तहसीलों में विरासत, भूमि नामांतरण और अंश निर्धारण के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगाया है। तालाबों की सफाई, मछली पालन के लिए तालाबों के ठेके और किसानों की समस्याओं को लेकर भी संगठन ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त उपचार और चिकित्सकों की उपलब्धता का मुद्दा उठाया गया। पशु अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी और समय पर टीकाकरण नहीं होने की शिकायत भी की गई।भाकियू ने चेतावनी दी है कि मांगों का समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा तथा जरूरत पड़ने पर जेल भरो आंदोलन शुरू किया जा सकता है।