
लखनऊ, 1 सितंबर। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से जनहानि, पशुहानि और आर्थिक नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में उतरकर प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने और राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि, पशुहानि तथा आर्थिक क्षति का तत्काल आकलन कराया जाए और पात्र प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर अनुमन्य मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों से अधिकारी लगातार संवाद बनाए रखें और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराएं। योगी ने जलभराव की स्थिति पर भी विशेष नजर रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बारिश के कारण कहीं भी जनमानस को अनावश्यक परेशानी न हो। जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखा जाए।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी करें। प्रभावित लोगों को भोजन, पेयजल, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थान पर रहें। उन्होंने अतिवृष्टि के दौरान नदियों और जलाशयों में स्नान करने से बचने तथा विशेष सावधानी बरतने की भी अपील की।
प्रदेश के करीब 30 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इनमें अंबेडकरनगर, अमेठी, अयोध्या, बदायूं, बहराइच, बलरामपुर, लखनऊ, बरेली और गोंडा समेत अन्य जिले शामिल हैं। प्रशासन को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।