
बहराइच, 11 सितम्बर। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के निशानगाढ़ा रेंज क्षेत्र में पिछले करीब छह दिनों से लोगों के लिए दहशत का कारण बना एक तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को सुरक्षित कब्जे में लेकर उसके स्वास्थ्य की जांच कराई है। जांच में तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ पाया गया है। प्रभागीय वनाधिकारी कतर्नियाघाट अपूर्व दीक्षित ने बताया कि निशानगाढ़ा रेंज अंतर्गत मटेही गांव में गत छह सितम्बर को एक बच्चे पर तेंदुए के हमले की घटना सामने आई थी। घटना के बाद क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी को देखते हुए लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर वन विभाग ने उसे पकड़ने के लिए अभियान शुरू किया था।उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही थीं और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं। तेंदुए को पकड़ने के लिए संभावित स्थानों पर पिंजरा लगाया गया था। लगातार निगरानी और प्रयासों के बाद बीती रात वन विभाग की टीम को सफलता मिली और तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया, जहां पशु चिकित्सक द्वारा उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि चिकित्सकीय जांच में पकड़ा गया वन्यजीव मादा तेंदुआ पाया गया है। उसकी उम्र लगभग छह से सात वर्ष और वजन करीब 45 से 50 किलोग्राम है। जांच के दौरान तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ, सक्रिय तथा प्राकृतिक व्यवहार प्रदर्शित करता पाया गया।उन्होंने बताया कि पशु चिकित्सक डॉ. दीपक वर्मा द्वारा किए गए स्वास्थ्य परीक्षण के बाद चिकित्सकीय रूप से तेंदुए को परिवहन और सुरक्षित क्षेत्र में छोड़े जाने के लिए उपयुक्त पाया गया है। वन विभाग के मुताबिक, उच्चाधिकारियों से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने और वन्यजीव संरक्षण से संबंधित नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इधर, स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पिछले कई दिनों से क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियों को लेकर भय का माहौल बना हुआ था। पचासा गांव और आसपास के इलाकों में तेंदुए के देखे जाने तथा उसके द्वारा एक युवक और मवेशियों पर हमला किए जाने की घटनाओं के बाद ग्रामीण विशेष रूप से सतर्क थे।ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए के पिंजरे में कैद होने की सूचना मिलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग की टीम क्षेत्र में सतर्कता बनाए हुए है।