30 लाख दीपों से जगमगाएगी अयोध्या, 2,100 ड्रोन शो बढ़ाएगा दीपोत्सव का आकर्षण

30 लाख दीपों से जगमगाएगी अयोध्या, 2,100 ड्रोन शो बढ़ाएगा दीपोत्सव का आकर्षण

लखनऊ, 23 सितंबर। अयोध्या में दीपोत्सव को इस बार और भव्य एवं नवाचारपूर्ण बनाने की तैयारी है। आयोजन में करीब 30 लाख दीप जलाए जाएंगे, जबकि 2,100 ड्रोन शो, 3डी प्रोजेक्शन, लेजर शो और म्यूजिकल ग्रीन फायरवर्क्स प्रमुख आकर्षण होंगे।दीपोत्सव की तैयारियों में आम लोगों और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए MyGov यूपी के माध्यम से सुझाव भी आमंत्रित किए जाएंगे।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बुधवार को अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात के साथ दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि युवाओं को आयोजन से सक्रिय रूप से जोड़ा जाए और उन्हें प्रदेश की सांस्कृतिक परंपराओं का वाहक और संवाहक बनाया जाए। बैठक में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं, शहर की सजावट, सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था की समीक्षा की गई।बैठक में अयोध्या की सड़कों और सरयू तट को रामायण आधारित सजावट से सजाने तथा देश-विदेश से लोगों की भागीदारी बढ़ाने की योजना पर चर्चा हुई। ड्रोन शो दीपोत्सव के दिन के साथ दो दिन बाद होने वाले जमघट में भी आयोजित करने का प्रस्ताव है, ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को इसे दोबारा देखने का अवसर मिल सके।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजन की पहुंच बढ़ाने के लिए विभिन्न देशों के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रियों अथवा उनके प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने की योजना है। इसके अलावा 30 से अधिक देशों में भारतीय दूतावासों और राजदूतों के माध्यम से प्रवासी भारतीयों को दीपोत्सव में आमंत्रित किया जाएगा।मंत्री ने अयोध्या के प्रमुख स्थानों पर दिशा-सूचक बोर्ड लगाने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवागमन में परेशानी न हो। दीपोत्सव के दिन सुबह चार बजे से भजन प्रसारण की व्यवस्था करने को कहा गया है। अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने ऐसे सेल्फी प्वाइंट विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे पैदल आवागमन प्रभावित न हो। उन्होंने रामायण के विभिन्न कांडों पर आधारित सड़क किनारे लगाए जाने वाले इंस्टॉलेशन में सरल भाषा में कहानी की जानकारी देने को कहा, ताकि बच्चे भी उसे आसानी से समझ सकें।

बैठक में धर्मपथ पर रामायण आधारित 10 प्रवेश द्वार बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। अयोध्या आने वाले प्रमुख मार्गों पर तीन अन्य रामायण द्वार बनाए जाने की योजना है, जिनमें सुल्तानपुर और रायबरेली मार्ग भी शामिल हैं। सरयू में पुष्पक विमान का स्थायी स्वरूप वाला इंस्टॉलेशन लगाने का प्रस्ताव भी रखा गया है।दीपोत्सव के दौरान 2,100 से अधिक बटुकों द्वारा सामूहिक सरयू आरती, 240 से अधिक मंदिरों और मठों में दीप प्रज्ज्वलन तथा उद्योग एवं व्यापार संगठनों के सहयोग से 25 प्रमुख चौराहों को सजाने की योजना है। संस्कृति विभाग की ओर से देश-विदेश की रामलीला मंडलियों की प्रस्तुतियां, पारंपरिक लोकनृत्य और साकेत कॉलेज से रामकथा पार्क तक झांकियों की शोभायात्रा आयोजित करने की तैयारी है। भरत मिलाप और भगवान राम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक को भी कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

पिछले वर्ष 100 बच्चों की भागीदारी वाली वानर सेना को इस बार और विस्तारित करने की योजना है। संग्रहालय परिसर में डिजिटल रामायण, राम वन गमन मार्ग पर आधारित मूर्तियां, राम थीम वाला बाजार तथा पुस्तकों और चित्रों की प्रदर्शनी लगाने की तैयारी है। ‘श्रीराम की वैश्विक यात्रा’ नाम से विशेष प्रस्तुति भी प्रस्तावित है।दीप प्रज्ज्वलन की व्यवस्थाओं, स्वयंसेवकों के समन्वय और श्रद्धालुओं की संख्या की गणना के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। तैयारियों में जिला प्रशासन, श्री अयोध्याजी तीर्थ विकास परिषद और डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की भागीदारी रहेगी। सुरक्षा, स्वच्छता, बिजली आपूर्ति, सड़कों की मरम्मत और राम की पैड़ी क्षेत्र में चल रहे कार्यों को समय से पूरा करने पर जोर दिया गया।

बैठक में विभिन्न विभागों की 284 विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। इनकी कुल लागत 5,452.79 करोड़ रुपये है। इनमें 4,130.25 करोड़ रुपये की 152 परियोजनाओं के लोकार्पण और 1,322.54 करोड़ रुपये की 132 परियोजनाओं के शिलान्यास का प्रस्ताव शामिल है।उत्तर प्रदेश में कला और संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने के लिए 2026 में तीन प्रमुख कला कार्यशालाओं और शिविरों के आयोजन का प्रस्ताव है। अयोध्या में 22 से 26 अक्टूबर तक डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के सहयोग से राम की पैड़ी/गुप्तार घाट पर ‘राम, रामायण और अयोध्या’ राष्ट्रीय कार्यशाला एवं व्याख्यान श्रृंखला आयोजित होगी। इसमें 25 कलाकार और 10 विशेषज्ञ शामिल होंगे।

इसी क्रम में लखनऊ राज्य ललित कला अकादमी की ओर से 18 से 22 नवंबर तक ‘लोकधारा’ पारंपरिक एवं लोक चित्रकला कला शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय के कला एवं शिल्प संकाय, एमिटी विश्वविद्यालय और यूनिटी कॉलेज सहयोगी संस्थान होंगे।

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