
लखनऊ, 23 सितंबर । बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करने का ऐलान करते हुए कहा कि मुकाबला त्रिकोणीय हो या चतुष्कोणीय, पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।बुधवार को लखनऊ में आयोजित पार्टी की अखिल भारतीय विशेष बैठक में उन्होंने संगठन को चुनावी तैयारियां तेज करने और मजबूत उम्मीदवारों के चयन के लिए जमीनी स्तर पर काम करने के निर्देश दिए। बैठक में मायावती ने ईशान आनंद को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने की घोषणा भी की। ईशान ने नई जिम्मेदारी के लिए मायावती का आभार जताते हुए पार्टी और आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए पूरी निष्ठा से काम करने का भरोसा दिया।
सुश्री मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश के साथ उत्तराखंड और पंजाब में भी बसपा को अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी करनी है। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से अच्छे और दमदार उम्मीदवारों के चयन, संगठन को मजबूत बनाने तथा पहले दिए गए चुनावी निर्देशों पर जमीनी स्तर पर अमल सुनिश्चित करने को कहा।बसपा प्रमुख ने स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी किसी अन्य दल के सहारे नहीं, बल्कि अपनी संगठनात्मक ताकत के आधार पर मैदान में उतरेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से चुनावी तैयारियों में तन-मन-धन से जुटने और सर्वसमाज को साथ लेकर आगे बढ़ने की अपील की।
ईशान आनंद की नियुक्ति बैठक का प्रमुख संगठनात्मक फैसला रही। एलएलएम की पढ़ाई पूरी कर चुके ईशान ने कहा कि वह मायावती के दिशा-निर्देशन में पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ पार्टी तथा बहुजन आंदोलन को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और कांशीराम को नमन भी किया।सुश्री मायावती ने परिवारवाद के मुद्दे पर अपना रुख दोहराते हुए कहा कि कांशीराम ने निजी परिवार से ऊपर बहुजन समाज को रखने की परंपरा स्थापित की थी। उन्होंने कहा कि रिश्तेदार पार्टी में काम कर सकते हैं, लेकिन संगठन में जिम्मेदारी का आधार निष्ठा और काम होना चाहिए। ईशान की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब हाल के सप्ताहों में पार्टी के भीतर परिवार से जुड़े पदों और जिम्मेदारियों में बदलाव हुए हैं।
बैठक में मायावती ने भाजपा सरकार पर गरीबी, बेरोजगारी, पिछड़ेपन, पलायन और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर निशाना साधा। बसपा की ओर से जारी बयान के मुताबिक, उन्होंने पार्टी को मिले फीडबैक का हवाला देते हुए कहा कि आम जनता के लिए ‘अच्छे दिन’ की उम्मीद निराशाजनक रही है।उन्होंने ब्राह्मण समाज की उपेक्षा, अपमान और असुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। मायावती ने उत्तर प्रदेश में बसपा की पांचवीं बार सरकार बनाने और पूर्ण बहुमत वाली दूसरी सरकार के लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जाति, निजी स्वार्थ और रिश्तों को संगठन के उद्देश्य में बाधा नहीं बनने देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर द्वारा दिया गया वोट का अधिकार बहुजन समाज की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत है। मायावती ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि का लाभ गरीबों तक पर्याप्त रूप से नहीं पहुंचने का दावा करते हुए ‘विकसित भारत’ के साथ ‘शक्तिशाली भारत’ की जरूरत पर भी जोर दिया।