
उन्होने बताया कि विवेचना के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और आरोपियों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर सुब्रत की संलिप्तता सामने आई। जांच में फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी बरामद होने, घटना के समय पहने गए रक्तरंजित कपड़ों की बरामदगी और चाबी बनाने वाले व्यक्ति द्वारा आरोपी की पहचान किए जाने समेत कई साक्ष्य मिले हैं।पुलिस आयुक्त ने बताया कि पूर्व में आरोपियों ने फ्लैट की चाबी किसी अन्य व्यक्ति से मिलने की बात कही थी, लेकिन जांच में डुप्लीकेट चाबी सुब्रत के कहने पर उसके सहयोगी विशाल गौतम के माध्यम से बनवाए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, घटना के दौरान अथवा उसके बाद आरोपियों द्वारा फोन से चैट डिलीट करने के साक्ष्य भी मिले हैं।
श्री लाल ने बताया कि पूछताछ में आरोपी विशाल गौतम ने बताया कि वह मृतक विनीत मनोचा की दुकान पर काम करता था और करीब पांच वर्ष पहले नौकरी छोड़ चुका था, लेकिन इसके बाद भी वह सुब्रत के संपर्क में था। पुलिस के मुताबिक सुब्रत आईपीएल में सट्टा लगाने, जुआ खेलने और नशे का आदी था तथा उस पर 40 लाख रुपये से अधिक का कर्ज था।जांच में यह भी सामने आया कि सुब्रत के पिता उसे जीवन-निर्वाह के लिए करीब 40 हजार रुपये प्रतिमाह देते थे, जबकि उसके ऊपर करीब 55 हजार रुपये की मासिक कर्ज की किस्त थी। पुलिस के अनुसार, इसी आर्थिक दबाव के कारण सुब्रत अपनी दुकान से दवाइयां निकालकर विशाल गौतम के माध्यम से बेचता था।
उन्होने बताया कि सुब्रत को आशंका थी कि उसके पिता किसी अन्य महिला से विवाह कर अपनी चल-अचल संपत्ति उसके नाम कर सकते हैं। इसी आशंका और आर्थिक परेशानियों के चलते उसने पिता को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और विशाल गौतम के साथ मिलकर शूटरों को पैसे देकर हत्या कराई। घटना से पहले सुब्रत और विशाल गौतम की लोकेशन एक ही स्थान पर मिली। फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी बनवाने के दौरान दोनों के बीच बातचीत भी सामने आई। घटना के बाद दोनों द्वारा अपने-अपने मोबाइल से संदेश और चैट हटाए जाने के साक्ष्य भी पुलिस को मिले। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस ने सुब्रत की घटना में संलिप्तता की पुष्टि होने का दावा किया है।गौरतलब है कि विनीत मनोचा की पांच सितंबर को हत्या के बाद कल्याणपुर पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए छह सितंबर को मृतक की पुत्रवधू और दो शूटरों को गिरफ्तार किया था। विवेचना आगे बढ़ने पर मिले साक्ष्यों के आधार पर सुब्रत का नाम सामने आया। न्यायालय से 23 सितंबर दोपहर से 24 सितंबर दोपहर तक आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड मिलने के बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर डुप्लीकेट चाबी और रक्तरंजित कपड़े समेत अन्य साक्ष्य बरामद किए।
पुलिस ने गिरफ्तार सुब्रत मनोचा के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की विवेचना जारी है।