एसआईपी निवेश योजनाओं में निवेश में लगातार वृद्धि, प्रबंधानाधीन परिसम्पत्तियां अगस्त में 23 प्रतिशत बढ़ीं: फ्रैंकलिन टेम्पलटन रिपोर्ट

एसआईपी निवेश योजनाओं में निवेश में लगातार वृद्धि, प्रबंधानाधीन परिसम्पत्तियां अगस्त में 23 प्रतिशत बढ़ीं: फ्रैंकलिन टेम्पलटन रिपोर्ट

मुंबई, 24 सितंबर । घरेलू म्यूचुअल फंड बाजार में एसआईपी के जरिए प्रबंधित किये जाने वाले खंड की प्रबंधानाधीन परिसम्पत्तियां (एयूएम) अगस्त में सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर 18.62 लाख करोड़ रुपये हो गयी।फ्रैंकलिन टेम्पलटन इंडिया म्यूचुअल फंड की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, एसआईपी में लगातार हो रहे निवेश और एसआईपी अकाउंट की संख्या बढ़ने से एसेट्स अंडर मैनेजमेंट में यह तेजी आई है।

रिपोर्ट के मुताबिक अगस्त 2026 में मासिक सकल एसआईपी निवेश 14 प्रतिशत बढ़कर 32,297 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, एसआईपी अकाउंट की संख्या सालाना आधार पर 12.1 प्रतिशत बढ़कर 10.75 करोड़ हो गई। अगस्त 2026 तक खत्म हुए 12 महीनों में कुल एसआईपी निवेश 17 प्रतिशत बढ़कर 3.7 लाख करोड़ रुपये रहा।शेयर निवेश योजनाओ में एसआईपी का योगदान और प्रवाह दो साल के उच्चतम स्तर पर है। अगस्त 2026 में इक्विटी एयूएम में एसआईपी एयूएम की हिस्सेदारी बढ़कर 30.7 प्रतिशत हो गई। यह पिछले 2 साल का सबसे ऊंचा स्तर है। अगस्त 2024 में यह हिस्सेदारी 27.4 प्रतिशत थी।

इसी तरह, कुल इक्विटी निवेश में एसआईपी के जरिए आने वाले पैसे की हिस्सेदारी भी बढ़कर 43 प्रतिशत हो गई। यह भी दो वर्ष के उच्चतम स्तर पर है। अगस्त 2024 में यह सिर्फ 24 प्रतिशत थी।देश में एसआईपी योजनाओं के तहत एएमयू अगस्त 2026 में 18.62 लाख करोड़ रुपये रहा जो सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़ा है। अगस्त में मासिक एसआईपी निवेश: 32,297 करोड़ रुपये रहाृ जो सालाना आधार पर 14 प्रतिशत अधिक रहा।

रिपोर्ट के अनुसार अगस्त में एसआईपी खातों की संख्या 10.75 करोड़ के साथ सालाना आधार पर 12.1 प्रतिशत अधिक रही।अगस्त 2026 में कुल म्यूचुअल फंड उद्योग का का एयूएम सालाना आधार पर 15.8 प्रतिशत बढ़ा। वहीं, इक्विटी और हाइब्रिड फंड का एयूएम 18.5 प्रतिशत की तेज गति से बढ़ा। इसी अवधि में पैसिव फंड का एयूएम 27.2 प्रतिशत बढ़ा। वहीं, गोल्ड ईटीएफ का एयूएम 2.6 गुना और सिल्वर ईटीएफ का एयूएम 3.3 गुना बढ़ गया।

अगस्त 2026 में एनएफओ यानी न्यू फंड ऑफर से पिछले 11 महीनों में सबसे ज्यादा मासिक निवेश आया एनएफओ के जरिए कुल 7,110 करोड़ रुपये जुटाए गए।शेयरों में निवेश वाले अलग अलग श्रेणी कोषों में फ्लेक्सी कैप फंड ने सबसे ज्यादा शुद्ध बिक्री दर्ज की। अगस्त 2026 तक के 12 महीनों में फ्लेक्सी कैप फंड में 89,087 करोड़ रुपये की शुद्ध बिक्री हुई।इसके बाद

स्मॉल कैप फंड ( 62,331 करोड़ रुपये), मिड कैप फंड ( 61,016 करोड़ रुपये), मल्टी कैप फंड ( 33,815 करोड़ रुपये) और सेक्टोरल और थीमैटिक फंडों ( 19,234 करोड़ रुपये) का नंबर है।रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2026 तक के 12 महीनों में लिक्विड फंड ने डेट फंड कैटेगरी में सबसे ज्यादा 1,48,876 करोड़ रुपये की शुद्ध बिक्री दर्ज की।

रिपोर्ट से पता लगता है कि अगस्त 2026 तक के 12 महीनों में राज्यों में नई दिल्ली के औसत एयूएम में सबसे तेज 37.85 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद तेलंगाना में 19.19 प्रतिशत और राजस्थान में 15.44 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि शीर्ष -10 के बाहर की एसेट मैनेजमेंट कंपनियों का योगदान लगातार बढ़ रहा है।

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