तुर्किए के राष्ट्रपति को भारत की संप्रभुता से जुड़े मामले में बोलने का कोई अधिकार नहीं : विदेश मंत्रालय

तुर्किए के राष्ट्रपति को भारत की संप्रभुता से जुड़े मामले में बोलने का कोई अधिकार नहीं : विदेश मंत्रालय

नयी दिल्ली, 29 सितम्बर। भारत ने तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के जम्मू -कश्मीर के बारे में दिए गए बयान को खारिज करते हुए कहा है कि यह भारत की संप्रभुता से जुड़ा मामला है और इस पर किसी बाहरी पक्ष को बोलने का कोई अधिकार नहीं है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को यहां मीडिया ब्रीफिंग में इस बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि भारत इस अवांछित टिप्पणी को पूरी तरह खारिज करता है।

उन्होंने कहा , ” तुर्की के राष्ट्रपति की संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन के दौरान जम्मू -कश्मीर के बारे में अवांछित टिप्पणी को भारत खारिज करता है। यह भारत की अखंडता तथा संप्रभुता से जुड़ा मामला है और किसी बाहरी पक्ष को इस पर बोलने का अधिकार नहीं है। “रिपोर्टों के अनुसार श्री एर्दोगन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में अपने संबोधन में कहा था कि दक्षिण एशिया में शांति के लिए कश्मीर मुद्दे समेत सभी विवादों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संबंधित प्रस्तावों के दायरे में बातचीत के जरिए हल किया जाना चाहिए।एक अन्य सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) में सदस्यता के बारे में सभी सदस्य मिलकर निर्णय लेते हैं। उन्होंने कहा कि जब भी सदस्यता का विषय आता है तो सदस्यों को सामूहिक रूप से इस बारे में निर्णय लेना होता है।

उनसे मीडिया में आई इन रिपोर्टों के बारे में पूछा गया था जिनमें कहा गया है कि भारत तुर्किए को एससीओ का पूर्ण सदस्य बनाने के पक्ष में नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Designed and Developed by Prakhar Dixit