कानपुर को आईटी हब बनाने की दिशा में प्रकाश पाल ने किया आईआईटी विशेषज्ञों से विचार विमर्श

कानपुर को आईटी हब बनाने की दिशा में प्रकाश पाल ने किया आईआईटी विशेषज्ञों से विचार विमर्श

कानपुर, 23 अक्टूबर । औद्योगिक नगरी कानपुर को आईटी हब के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भाजपा के राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के विशेषज्ञों के साथ चर्चा की। इस दौरान शहर की तकनीकी क्षमता, रोजगार के नए अवसरों, स्टार्टअप और निवेश को बढ़ावा देने के साथ किसानों को जैविक खाद के प्रति जागरूक करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।आईआईटी कानपुर में करीब एक घंटे तक चली बैठक में डीन ऑफ रिसोर्स एंड एलुमनी प्रो. अमेय करकरे, प्रो. अंकुश शर्मा और प्रो. जयंत सिंह सहित अन्य शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया। प्रकाश पाल ने उनसे कानपुर में आईटी क्षेत्र के विस्तार और शहर के शैक्षणिक एवं औद्योगिक संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के संबंध में सुझाव प्राप्त किए।

श्री पाल ने कहा कि कानपुर में आईटी हब विकसित करने की संभावनाओं पर काम करने की जरूरत है। औद्योगिक पहचान रखने वाले इस शहर में शैक्षणिक, तकनीकी और औद्योगिक संसाधनों को एकीकृत विकास की दृष्टि से जोड़कर नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।उन्होंने कहा कि आईटी हब की स्थापना से कानपुर और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को सॉफ्टवेयर, आधुनिक तकनीक, स्टार्टअप और डिजिटल क्षेत्र में रोजगार तथा उद्यमिता के अवसर मिल सकते हैं। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को अपने शहर में ही आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।

राज्यसभा सांसद ने बताया कि आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों से मिले सुझावों के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इस संबंध में जल्द ही केंद्र सरकार के आईटी मंत्री और उत्तर प्रदेश सरकार के आईटी मंत्री के साथ बैठक करने की योजना है। इसमें आईटी हब की स्थापना की संभावनाओं, जरूरी संसाधनों और भावी कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी कानपुर में आईटी हब की आवश्यकता और इससे जुड़ी संभावनाओं से अवगत कराया जाएगा। उद्देश्य शहर की औद्योगिक विरासत और तकनीकी क्षमताओं का समन्वय कर उसे आईटी क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है।

बैठक में जैविक खाद के उपयोग को प्रोत्साहित करने और किसानों को इसके लाभों की जानकारी देने पर भी चर्चा हुई। प्रकाश पाल ने कहा कि कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से उपयोगी विकल्पों को बढ़ावा देने की जरूरत है, ताकि किसानों तक सही जानकारी पहुंच सके।उन्होंने कहा कि विकास का दायरा उद्योग और तकनीक तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि किसानों की समृद्धि और समाज के सभी वर्गों के हितों को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। इस अवसर पर भाजपा के क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी अनूप अवस्थी, क्षेत्रीय मंत्री वीरेंद्र तिवारी और पूर्व जिलाध्यक्ष दीपू पांडेय भी मौजूद रहे।

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