
लखनऊ, 24 अक्टूबर। समाजवादी पार्टी (सपा) ने उत्तर प्रदेश में मतदान के दौरान कथित बूथ कैप्चरिंग और चुनावी अनियमितताओं को लेकर भारत निर्वाचन आयोग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल की ओर से जारी पत्र में अमरोहा, आगरा, फतेहपुर, प्रतापगढ़ और गोरखपुर समेत अन्य जनपदों में मतदान प्रक्रिया को लेकर शिकायतें किए जाने का उल्लेख किया गया है।
पार्टी ने आरोप लगाया है कि संबंधित क्षेत्रों में बूथ कैप्चरिंग की शिकायतें सामने आई हैं। पत्र में मांग की गई है कि इन शिकायतों को तत्काल संज्ञान में लेते हुए मतदान केंद्रों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच की जाए। साथ ही प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की ओर से की गई शिकायतों के आधार पर संबंधित बूथों पर दोबारा मतदान (री-पोल) कराया जाए।समाजवादी पार्टी ने कथित बूथ कैप्चरिंग के मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की भी मांग की है।
पत्र में उत्तर प्रदेश के 72 जिलों में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए हुए मतदान को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि पत्र में कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव को इन जिलों की सूची से अलग बताया गया है। सपा का आरोप है कि प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के मंत्री, सांसद और विधायकों द्वारा मतदान को प्रभावित किया गया। पार्टी का कहना है कि इस संबंध में बड़ी संख्या में लिखित शिकायतें भारत निर्वाचन आयोग को दी गईं, लेकिन आयोग ने उन शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की।पत्र में आरोप लगाया गया है कि भारत निर्वाचन आयोग इन शिकायतों पर आंख और कान बंद करके मूक दर्शक बना हुआ है। समाजवादी पार्टी ने आयोग से शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेने और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
पार्टी की ओर से पत्र की प्रति मुख्य चुनाव आयुक्त, भारत निर्वाचन आयोग, निर्वाचन सदन, अशोक मार्ग, नई दिल्ली को भी भेजे जाने का उल्लेख किया गया है।