‘वोकल फॉर लोकल’ से भारतीय उत्पादों को मिल रहे हैं वैश्विक बाजार: मोदी

‘वोकल फॉर लोकल’ से भारतीय उत्पादों को मिल रहे हैं वैश्विक बाजार: मोदी

नयी दिल्ली, 25 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश में ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना मजबूत हो रही है और भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों में नयी पहचान मिल रही है।श्री मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में त्योहारों के दौरान लोगों से स्थानीय कारीगरों के बनाए उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि इससे उनकी मेहनत को प्रोत्साहन मिलेगा और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि त्योहारों के इस मौसम में खरीदारी के दौरान लोग स्वदेशी उत्पादों को अधिक महत्व देने लगे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार के पूर्णिया का मखाना ग्रीस पहुंच रहा है, जबकि कर्नाटक के कलबुर्गी की अरहर दाल मालदीव जा रही है। इससे भारतीय किसानों के लिए दुनिया के विभिन्न बाजारों के दरवाजे खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने में गुणवत्ता के साथ-साथ उनकी पैकेजिंग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के आदिवासी समुदायों द्वारा तैयार उत्पादों की पैकेजिंग की सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘शबरी नेचुरल्स’ के माध्यम से शहद, महुआ, चिरौंजी और बांस से बने उत्पाद बाजार में लाए जा रहे हैं। इन उत्पादों की पैकेजिंग में आदिवासी कला की झलक दिखाई देती है और इसके लिए इसे जापान का प्रतिष्ठित ‘गुड डिजाइन अवॉर्ड’ भी मिला है। उन्होंने बताया कि कर्नाटक का एक बांस आधारित स्टार्टअप बांस और कृषि अवशेषों से पैकेजिंग सामग्री तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के नवाचार स्थानीय उत्पादों को आकर्षक बनाने के साथ उनके बाजार का विस्तार करने में भी मददगार हैं।

श्री मोदी ने खादी की बढ़ती लोकप्रियता का उल्लेख करते हुए कहा कि इस वर्ष गांधी जयंती के अवसर पर एक ही दिन में खादी ग्रामोद्योग के उत्पादों की बिक्री 28 करोड़ रुपये से अधिक रही। यह पिछले वर्ष की तुलना में करीब डेढ़ करोड़ रुपये अधिक है। उन्होंने कहा कि खादी की बढ़ती लोकप्रियता का लाभ उन लोगों तक भी पहुंच रहा है, जिनके कौशल और मेहनत से खादी, हस्तशिल्प और अन्य उत्पाद तैयार होते हैं।प्रधानमंत्री ने लोगों से त्योहारों के दौरान खरीदारी करते समय स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लोगों की खरीदारी से कारीगरों का उत्साह बढ़ेगा और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूती मिलेगी। यह अभियान जितना आगे बढ़ेगा, आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में देश उतनी ही तेजी से आगे बढ़ेगा।

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