
वड़ोदरा, 25 अक्टूबर । हरमनप्रीत कौर (126) के बेहतरीन शतक और दीप्ति शर्मा (नाबाद 106 और 32 रन पर तीन विकेट) के हरफनमौला प्रदर्शन तथा वैष्णवी शर्मा (39 रन पर चार विकेट) की घातक गेंदबाजी से भारत ने जिम्बाब्वे को दूसरे वनडे में रविवार को 121 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अपराजेय बढ़त बना ली ।भारत ने छह विकेट पर 328 रन का विशाल स्कोर बनाने के बाद जिम्बाब्वे को 48.5 ओवर में 207 रन पर समेट दिया।
दीप्ति शर्मा ने ऑलराउंड प्रदर्शन का परिचय देते हुए शतक के अलावा तीन विकेट भी हासिल किए जबकि वैष्णवी शर्मा ने भी चार विकेट हासिल किए। हालांकि भारत के लिए बड़े स्कोर की आधारशिला हरमनप्रीत कौर और प्रतिका रावल ने मिलकर रखी जब भारत ने शुरुआत में ही अपने दो विकेट गंवा दिए थे। 3 मैचों की सीरीज़ में भारत को अब 2-0 की अजेय बढ़त हासिल हो गई है। हरमन ने 121 गेंदों की अपनी पारी में 15 चौके लगाए जबकि दीप्ति ने 86 गेंदों में 15 चौके लगाए।जिम्बाब्वे की तरफ से ओपनर मॉडेस्टर मुपाचिकवा ने सर्वाधिक 49 रन, चिपो मुगेरी-टिरिपानो ने 46 रन, बीलव्ड बिज़ा ने 34 रन और कप्तान जोसेफ़ीन अंकोमो ने 22 रन बनाये।
इससे पहले शुरूआती तीन ओवरों में ही स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा के जल्दी आउट हो जाने के बाद, भारतीय खेमे में निराशा और अनिश्चितता का माहौल बन गया था। हालाँकि, जल्द ही यह माहौल आत्मविश्वास में बदल गया, जब हरमनप्रीत और शानदार फॉर्म में चल रहीं प्रतिका रावल (61) ने मोर्चा संभाला। इस जोड़ी ने तीसरे विकेट के लिए 124 रनों की साझेदारी की और टीम को एक मुश्किल स्थिति से बाहर निकालते हुए पारी को फिर से संवारा।प्रतिका का आत्मविश्वास बढ़ता गया और उन्होंने स्पिनरों के खिलाफ बेहतरीन सूझबूझ दिखाई, लेकिन अपना अर्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद, बाउंड्री पर खड़े फील्डर को चुनौती देने के चक्कर में वह डीप मिड-विकेट पर कैच आउट हो गईं। तेजल हसबनीस के पास अपनी छाप छोड़ने का एक बेहतरीन मौका था, लेकिन 29 वर्षीय खिलाड़ी ने अपनी पारी की शुरुआत में ही विकेट गंवाकर इस मौके को हाथ से जाने दिया। छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने आईं दीप्ति ने शानदार खेल दिखाया। उन्होंने स्वीप शॉट का बखूबी इस्तेमाल करते हुए कई बाउंड्री लगाईं और सिर्फ 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।दूसरी ओर, हरमनप्रीत को अपनी 126 रनों की पारी (121 गेंदों में) के दौरान तीन बार जीवनदान मिला; वह खुद भी मानेंगी कि आज वह अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में नहीं थीं। इसके बावजूद, भारत की पूर्व कप्तान ने अपने वनडे करियर का 8वां शतक पूरा किया। उन्होंने इस उपलब्धि पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और अपना पूरा फोकस खेल पर बनाए रखा। दूसरे छोर से दीप्ति लगातार रन बनाती रहीं। आखिरी ओवरों में कुछ तनावपूर्ण पलों के बावजूद, इस ऑलराउंडर ने अंतिम ओवर में अपना दूसरा वनडे शतक पूरा करते हुए एक यादगार पारी का समापन किया।