यूपी असीमित संभावनाओं वाला प्रदेश, प्रगति और विकास की गति से दुनिया को दे रहा जवाब : योगी

यूपी असीमित संभावनाओं वाला प्रदेश, प्रगति और विकास की गति से दुनिया को दे रहा जवाब : योगी

लखनऊ, 26 अक्टूबर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश असीमित संभावनाओं वाला प्रदेश है, जो अपनी प्रगति और विकास की गति से दुनिया को जवाब दे रहा है। प्रदेश में वर्ष 2030-31 तक 500 से अधिक वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) स्थापित करने का लक्ष्य है।उन्होंने कहा कि एक समय निवेशक लखनऊ आने से कतराते थे, लेकिन आज उत्तर प्रदेश में 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है, जबकि साढ़े सात लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं इसके लिए तैयार हैं।

राजधानी में आयोजित जीसीसी इनोवेशन समिट-2026 को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की पहचान उपद्रव, अराजकता, माफिया के वर्चस्व और नीतिगत जड़ता से थी। निवेशकों को सुरक्षा और अनुकूल माहौल को लेकर आशंकाएं थीं। उन्होंने कहा कि उस समय निवेश के लिए इन्वेस्टर समिट तक दिल्ली के पांच सितारा होटल में आयोजित करनी पड़ी थी, क्योंकि उद्योग जगत के प्रतिनिधि लखनऊ आने को तैयार नहीं थे।योगी ने तत्कालीन सरकार के कामकाज पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उस समय किए गए कुछ समझौता ज्ञापनों को देखकर लोग हंसेंगे। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार को अंग्रेजी के ‘OR’ और हिंदी के ‘और’ में भी अंतर नहीं पता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद अधिकारियों ने इन्वेस्टर समिट के लिए 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य प्रस्तावित किया था। उन्होंने सवाल किया कि इतने कम लक्ष्य के साथ आयोजन को ग्लोबल नाम क्यों दिया जा रहा है। इसके बाद अधिकारियों को औद्योगिक नीतियां तैयार करने, लैंड बैंक विकसित करने और रोड शो आयोजित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने निवेश लक्ष्य की निचली सीमा दो लाख करोड़ रुपये रखने को कहा।योगी ने बताया कि पहले इन्वेस्टर समिट में 4.65 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। आज यह आंकड़ा 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। इनमें 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है और साढ़े सात लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। पहले भर्ती प्रक्रिया में विज्ञापन जारी होने के बाद अक्सर अदालत से स्थगन आदेश आ जाते थे। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी), प्रति व्यक्ति आय, बजट और महिला कार्यबल की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं, बल्कि राजस्व अधिशेष वाला प्रदेश है।उन्होंने कहा कि प्रदेश के बजट में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत व्यय बुनियादी ढांचे पर किया जा रहा है। सरकार ने औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 36 सेक्टोरल नीतियां बनाई हैं और 75 हजार एकड़ का लैंड बैंक तैयार किया है।

योगी ने कहा कि देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। प्रदेश में देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क, सबसे अधिक शहरों में मेट्रो संचालन और पांच अंतरराष्ट्रीय तथा 17 घरेलू हवाई अड्डे क्रियाशील हैं। वर्ष 2017 में प्रदेश में केवल लखनऊ और वाराणसी के दो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पूरी तरह क्रियाशील थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इनलैंड वाटरवे, रैपिड रेल और आठ हजार से अधिक उच्च शिक्षण संस्थान भी हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है और उत्तर प्रदेश भी देश के अग्रणी राज्यों में अपनी जगह बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस व्यवस्था लागू की गई है। अब उद्योगपतियों को कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय एक ही व्यवस्था के माध्यम से जरूरी स्वीकृतियां उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को प्रोत्साहन राशि देने की प्रक्रिया भी सरल हुई है।योगी ने डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, सेमीकंडक्टर मिशन और एआई मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से तकनीक, कौशल और विनिर्माण के क्षेत्र में नए अवसर बने हैं। उनके अनुसार, भारत वैश्विक क्षमता केंद्रों के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रतिवर्ष दो लाख विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) स्नातक तैयार कर रहा है। युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, त्रिआयामी प्रिंटिंग, रोबोटिक्स, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ड्रोन तकनीक और ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क का विस्तार किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में करीब 120 स्टार्टअप थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 25 हजार हो गई है। प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि ये क्षेत्र सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं।

योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश, आधुनिक तकनीक, कौशल विकास और उद्योग-शिक्षा सहयोग को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए उच्च-मूल्य वाले रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं।

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