विरासत में गद्दी मिल सकती है, बुद्धि नहीं, काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती: योगी

विरासत में गद्दी मिल सकती है, बुद्धि नहीं, काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती: योगी

कानपुर, 26 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, “विरासत में गद्दी मिल सकती है, बुद्धि नहीं। काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती।”बिठूर में महर्षि वाल्मीकि जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में योगी ने कानपुर के लिए 411 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव को एक बार विरासत में सत्ता मिल गई थी, लेकिन जनता उनके कामकाज को देखकर उन्हें विदा कर चुकी है। उन्होंने कहा कि सत्ता में दोबारा आने का सपना देखने के बजाय जमीन पर उतरकर काम करना चाहिए। योगी ने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में प्रदेश में अराजकता, भ्रष्टाचार और परिवारवाद को बढ़ावा मिला।योगी ने कहा कि सपा का मतलब दंगा, भ्रष्टाचार, परिवारवाद और प्रदेश में अराजकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान अपराधियों को संरक्षण मिलता था, व्यापारियों और गरीबों की जमीनों पर कब्जे होते थे तथा महिलाओं की सुरक्षा खतरे में रहती थी। उन्होंने मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, मेरठ और बुलंदशहर में हुए दंगों का उल्लेख करते हुए तत्कालीन सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि भीषण सर्दी में लोग ठिठुरकर मर रहे थे, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख चादर ओढ़कर सो रहे थे। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस प्रदेश को फिर उसी दौर में ले जाना चाहती हैं। मुख्यमंत्री ने सपा अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि उन्हें बांग्लादेशी घुसपैठियों से इतना प्रेम क्यों है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस घुसपैठियों का समर्थन करती हैं, जबकि दलितों, वंचितों, गरीबों, किसानों और युवाओं के हितों की अनदेखी करती हैं। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि सपा ने घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का प्रयास किया। ये आरोप मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में लगाए।योगी ने कहा कि घुसपैठियों के राशन कार्ड बनवाने और उन्हें गरीबों के हिस्से का राशन दिलाने के आरोपों की वजह से जरूरतमंदों के अधिकार प्रभावित होते हैं। उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का उल्लेख करते हुए कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख समुदायों के पात्र लोगों को नागरिकता देने की व्यवस्था का सपा और कांग्रेस ने विरोध किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2012 में सत्ता में आने के बाद सपा सरकार ने भदोही से संत रविदास नगर का नाम हटाया। उन्होंने कन्नौज मेडिकल कॉलेज से बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर का नाम हटाने और लखनऊ के भाषा विश्वविद्यालय का नाम बदलकर मौलाना मोइनुद्दीन चिश्ती के नाम पर करने का भी उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास के साथ महापुरुषों की विरासत को सम्मान देने का काम किया है। काशी विश्वनाथ धाम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पहले वहां एक समय में 20 श्रद्धालुओं के दर्शन करने की व्यवस्था भी मुश्किल थी, जबकि अब 20 हजार श्रद्धालु दर्शन कर सकते हैं।

योगी ने आरोप लगाया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, हवाई अड्डे और विकास परियोजनाओं के रास्ते में सपा-कांग्रेस ने बाधाएं पैदा की थीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रामलला का भव्य मंदिर बन चुका है। राम जन्मभूमि परिसर में महर्षि वाल्मीकि, गोस्वामी तुलसीदास, शबरी माता और निषादराज से जुड़े मंदिर भी बनाए गए हैं। उन्होंने शृंगवेरपुर में राम और निषादराज की 56 फुट ऊंची मिलन प्रतिमा का भी उल्लेख किया।मुख्यमंत्री ने वर्ष 1931 में कानपुर में हुए दंगों का उल्लेख करते हुए पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी की हत्या का जिक्र किया। उन्होंने बच्चा सोनकर की हत्या का उल्लेख करते हुए कहा कि दंगाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि विजयादशमी सहित विभिन्न त्योहारों का शांतिपूर्ण आयोजन और लोगों के बीच उल्लास का वातावरण रामराज्य की परिकल्पना से जुड़ा है।

उन्होंने कहा कि बिठूर में ब्रह्मावर्त घाट, महर्षि वाल्मीकि आश्रम तथा नाना साहब पेशवा और तात्या टोपे से जुड़े स्मारकों का विकास प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने वीरांगना उदा देवी पासी, अवंती बाई लोधी और झलकारी बाई के नाम पर पुलिस बटालियन स्थापित करने तथा महाराजा बिजली पासी के स्मारक के विकास का भी उल्लेख किया।योगी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर रही है। उन्होंने कांग्रेस को मानसिक रूप से दिवालिया बताते हुए आरोप लगाया कि वह नए-नए विवाद खड़े करती है। उन्होंने कहा कि संविधान और स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने रामचरितमानस की चौपाई ‘नहिं दरिद्र कोउ दुखी न दीना, नहिं कोउ अबुध न लच्छन हीना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीबों का कल्याण, विकास और विरासत का सम्मान रामराज्य की अवधारणा के अनुरूप है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रदेश में 16 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 65 लाख गरीबों को आवास तथा आयुष्मान भारत के तहत 10 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मिली है। उन्होंने उज्ज्वला योजना के तहत दो करोड़ लोगों को रसोई गैस कनेक्शन, 67 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पांच लाख से अधिक बेटियों की शादी में सहायता दिए जाने का भी उल्लेख किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि बिठूर महर्षि वाल्मीकि की तपोभूमि और ऐतिहासिक महत्व का केंद्र है। उन्होंने बताया कि महर्षि वाल्मीकि ने इसी क्षेत्र में साधना की और रामायण की रचना प्रारंभ की। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि आश्रम का पुनरुद्धार प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का उदाहरण है।

योगी ने कहा कि बिठूर का संबंध 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से भी रहा है। नाना साहब पेशवा और तात्या टोपे ने यहां से अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया था। रानी लक्ष्मीबाई के बचपन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बिठूर की धरती ने देश के इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सचान और प्रतिभा शुक्ला, सांसद रमेश अवस्थी, महापौर प्रमिला पांडे, बिठूर के विधायक अभिजीत सिंह सांगा, बिल्हौर के विधायक राहुल बच्चा सोनकर, विधायक नीलिमा कटियार, महेश त्रिवेदी और सरोज कुरील सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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