
लखनऊ, 26 अक्टूबर। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि विधानसभा चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा है और ऐसे समय में नए राजनीतिक साथियों का पार्टी से जुड़ना समाजवादी पार्टी और पीडीए गठबंधन को और मजबूती देगा।लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों समेत भाजपा और बसपा से सपा में शामिल हुए नेताओं का स्वागत किया और कहा कि उनके आने से पूरे उत्तर प्रदेश में बड़ा राजनीतिक संदेश गया है।
श्री यादव ने कहा कि पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक नए साथियों के सपा से जुड़ने से राजनीतिक हलचल बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पीडीए पहले से मजबूत है और नए लोगों के जुड़ने से इसका दायरा और बढ़ेगा। उनके मुताबिक, सपा में शामिल होने वाले सभी नेता पीडीए के अलग-अलग सामाजिक स्तंभों को मजबूत करने का काम करेंगे।प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूर्व आईएएस अधिकारी राम बहादुर पासी, दारा सिंह प्रजापति सहित भाजपा और बसपा से आए कई नेताओं को समाजवादी पार्टी की सदस्यता दिलाई। अखिलेश यादव ने कहा कि पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी सेवा के दौरान अलग पहचान बनाई है।
उन्होंने राम बहादुर पासी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने समाज के लोगों को जोड़ने और उनके लिए काम करने का प्रयास किया है। वहीं दारा सिंह प्रजापति के पार्टी में आने को भी उन्होंने महत्वपूर्ण बताया। अखिलेश ने कहा कि जो भी नए साथी सपा में शामिल हुए हैं, पार्टी उनका राजनीतिक सम्मान करेगी और उनके समर्थकों को भी साथ लेकर आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा, “जिनके साथ दारा होंगे, वही अखाड़ा जीतेगा।” अखिलेश ने दावा किया कि इन नेताओं के सपा में आने से पार्टी की चुनावी जीत और बड़ी होने जा रही है।सपा अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव नजदीक आने के बीच आज हुई ज्वाइनिंग का असर पूरे प्रदेश में दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि नए साथियों के शामिल होने से पूरब और पश्चिम दोनों क्षेत्रों की राजनीति में हलचल हुई है और पूरे उत्तर प्रदेश में बड़ा संदेश गया है। अखिलेश यादव ने वाल्मीकि समाज को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो वाल्मीकि जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाएगा और बड़े स्तर पर वाल्मीकि जयंती मनाई जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था के माध्यम से वाल्मीकि समाज के लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है। अखिलेश ने कहा कि सपा सरकार बनने पर आउटसोर्सिंग सेवा को समाप्त करने की दिशा में काम किया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने मतदाता सूची को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा वोटर लिस्ट में हेराफेरी और धांधली के जरिए “वोट डकैती” करने से बाज नहीं आ रही है। अखिलेश ने कहा कि जैसे-जैसे मतदाता सूची के संबंध में जानकारी सामने आ रही है, कई तरह की अनियमितताएं सामने आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि एक ही नाम की एंट्री कई जिलों में होने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि “सुनीता पत्नी राजेश” के नाम से 420 एंट्री होने की बात सामने आई है, जबकि पूरे प्रदेश में ऐसी 2,341 एंट्री मिलने का दावा किया गया। इसी तरह उन्होंने “राजकुमारी पत्नी राजकुमार” के नाम से 1,627 एंट्री होने की बात कही।
अखिलेश यादव ने कहा कि वोटर लिस्ट के साथ मजाक किया जा रहा है और चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम मतदाता सूची से न छूटे। सपा अध्यक्ष ने मतदाता सूची में गड़बड़ियों को रोकने के लिए बड़ा सुझाव दिया। उन्होंने मांग की कि वोटर लिस्ट को आधार कार्ड से जोड़ा जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि सरकार और चुनाव आयोग को इस दिशा में फैसला लेना चाहिए तथा बायोमीट्रिक पहचान के लिए आधार से जोड़ने की व्यवस्था की जानी चाहिए। उनका कहना था कि तकनीक का इस्तेमाल करके मतदाता सूची में मौजूद गड़बड़ियों को दूर किया जा सकता है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास ऐसी कौन सी मशीन है जिससे मतदान के दिन नकली आधार कार्ड बनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी न रहने पाए।अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भेदभाव करता है। साथ ही उन्होंने कहा कि आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी पात्र मतदाता वोट देने से वंचित न हो और मतदाता सूची पूरी तरह पारदर्शी हो।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा है और ऐसे में मतदाता सूची से जुड़ी सभी शिकायतों और अनियमितताओं को समय रहते दूर किया जाना जरूरी है। अखिलेश यादव ने अंत में कहा कि देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने की जिम्मेदारी हम सभी की है।