
लखनऊ, 27 अक्टूबर (वार्ता ) उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर हुए चुनाव की मतगणना जारी है। शुरुआती रुझानों में अलग-अलग सीटों पर मुकाबले की तस्वीर सामने आने लगी है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की शिक्षक सीट पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी लाल बिहारी यादव चुनाव जीत गये है जबकि मेरठ शिक्षक सीट पर भाजपा के श्रीचंद शर्मा को जीत मिली है। लखनऊ और आगरा में मतपत्रों की वैधता को लेकर विवाद के कारण मतगणना प्रक्रिया प्रभावित हुई। दलों की जीत पर आयोग की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुयी है।
विधान परिषद की खंड स्नातक की पांच और खंड शिक्षक की छह सीटों के लिए मतगणना प्रदेश के सात जिलों में कराई जा रही है। मतगणना से पहले मतपेटियों से मतपत्र निकालकर उनके बंडल बनाए गए। इसके बाद मतों की गिनती शुरू हुई। इन चुनावों को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा को शुरुआती मतगणना में बढ़त मिली। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, श्रीचंद शर्मा को 3,895 मत मिले, जबकि सपा प्रत्याशी नितिन कुमार तोमर को 1,280 मत प्राप्त हुए। इस तरह रुझानों में श्रीचंद शर्मा 2,615 मतों से आगे बताए गए। दूसरे चरण में करीब सात हजार मतों की गिनती की प्रक्रिया जारी थी। हालांकि, इन आंकड़ों के आधार पर कोई आधिकारिक परिणाम घोषित नहीं हुआ था।
वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पहले चरण की मतगणना के दौरान सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव आगे चल रहे थे। यह सीट राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, शुरुआती रुझान अंतिम परिणाम नहीं हैं और मतगणना पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।लखनऊ में मतगणना के दौरान प्रत्याशियों और उनके एजेंटों ने कुछ मतपत्रों की वैधता पर आपत्ति जताई। वे मौके पर ही मतपत्रों को वैध या अवैध घोषित करने की मांग कर रहे थे। मतपत्र पर लिखे अंक को लेकर भी विवाद हुआ। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक नोकझोंक हुई। स्थिति को देखते हुए विवादित मतपत्रों को अलग रख दिया गया। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी (आरओ) के स्तर पर निर्णय लिए जाने की बात कही गई।
आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पहले चरण की मतगणना पूरी होने के बाद कुछ निरस्त मतपत्रों को लेकर विवाद पैदा हो गया। मतपत्रों पर दो निशान मिलने की बात सामने आई, जिसके बाद मतगणना रोक दी गई। इस घटनाक्रम पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर वीडियो साझा करते हुए चुनाव आयोग से संज्ञान लेने और निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित करने की मांग की। उस समय आगरा स्नातक सीट की मतगणना शुरू नहीं हुई थी।गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी, सपा के संजयन त्रिपाठी और निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव के बीच मुकाबला बताया गया। वहीं इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में झांसी में मतपत्रों की बंडलिंग का काम जारी था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बड़ी संख्या में पेटियों के मतपत्रों के बंडल बनाए जा चुके थे, जबकि कुछ पेटियों की प्रक्रिया बाकी थी।
मतगणना के दौरान अलग-अलग सीटों पर आ रहे रुझानों के बीच प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की नजर अंतिम परिणामों पर टिकी है। सभी सीटों पर आधिकारिक नतीजे घोषित होने के बाद ही चुनाव की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।