
थिम्फू, 30 अक्टूबर । भूटान के उत्तरी गासा जिले में स्थित सिंतापू झील में ग्लेशियर झील फटने के कारण आई भीषण बाढ़ से प्रसिद्ध ‘गासा ताशाछू’ गर्म पानी का कुंड बह गया है और पुनाखा इलाके को गासा से जोड़ने वाला मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
इस घटना के बाद भूटान के निचले इलाकों और पड़ोसी देश भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते एहतियाती निकासी और अलर्ट जारी किया गया है।
भूटान के अधिकारियों के अनुसार, गुरूवार शाम अत्यधिक बारिश के बाद सिंतापू झील से अचानक भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया। बाढ़ का पानी रात लगभग सवा आठ बजे ताकत्सेमाखांग पहुँचा, जिससे लाया क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क क्षतिग्रस्त हो गई और पुनाखा-गासा राजमार्ग का 31.85 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह बह गया। इसके चलते यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। हालांकि, 30 अक्टूबर की सुबह तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
संभावित खतरे को देखते हुए प्रभावित और निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया तथा चेतावनी वाले सायरन बजाए गए।
गौरतलब है कि सिंतापू झील मो छू नदी के ऊपरी हिस्से में स्थित एक उच्च ऊंचाई वाली ग्लेशियर झील है, और यह भूटान की 17 संभावित रूप से खतरनाक ग्लेशियर झीलों की आधिकारिक सूची में शामिल है।
सिंतापू झील से निकलने वाला बाढ़ का पानी मो छू नदी से होते हुए दक्षिण की ओर पुनाखा पहुँचता है, जहाँ यह फो छू नदी से मिलकर पुनात् सांगछू नदी का निर्माण करता है। यह नदी भारत में प्रवेश करने पर ‘संकोश नदी’ के नाम से जानी जाती है।
साझा नदी तंत्र के कारण पश्चिम बंगाल और असम राज्यों में संभावित बाढ़ को लेकर एहतियाती चेतावनियां जारी की गई हैं। संकोश नदी के किनारे रहने वाले समुदायों को सतर्क रहने और आवश्यकतानुसार नदी तटों से दूर जाने की सलाह दी गई है। भूटान और भारत दोनों देशों के प्रशासन जलस्तर और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।