
लंदन/ सिंगापुर, 30 अक्टूबर । दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज ‘बाइनेंस’ पर इतिहास के सबसे बड़े साइबर हमले का दावा किया गया है, जिसमें लगभग 6.3 अरब डॉलर (करीब 52,000 करोड़ रुपये या (4.7 अरब) मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी चोरी हो गई है। इस सनसनीखेज हैक के बाद कंपनी ने अपने प्रमुख प्लेटफॉर्म ‘बाइनेंस अल्फा’ पर ट्रेडिंगऔर निकासी को तुरंत निलंबित कर दिया है।
बीबीसी के अनुसार बाइनेंस ने अपने ताजा बयान में बताया कि उसने प्रभावित उपयोगकर्ताओं की संपत्तियों की रिकवरी प्रक्रिया शुरू कर दी है और पहले ही लगभग तीन अरब डॉलर मूल्य की संपत्ति को फ्रीज या सुरक्षित कर लिया है। कंपनी ने ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि वह अपने कॉर्पोरेट फंड और आपातकालीन बीमा कोष ‘साफू’ के जरिए शत-प्रतिशत नुकसान की भरपाई करेगी। इसके लिए कंपनी ने 6.3 अरब डॉलर से अधिक का रिजर्व सुरक्षित रखा है।बाइनेंस के सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिचर्ड तेंग के अनुसार, शुरुआती जांच से पता चलता है कि हमला बेहद जटिल था और इसकी शुरुआत कंपनी के एक ‘डेवऑप्स इंजीनियर’ के लैपटॉप के हैक होने से हुई थी। इसके बाद हैकर्स ने सिस्टम के अन्य मुख्य सुरक्षा द्वारों में सेंध लगा दी।
ब्लॉकचेन इंटेलिजेंस फर्म टीआरएम लैब्स और कई प्रमुख साइबर विश्लेषकों का मानना है कि इस विशाल डकैती के तार उत्तरी कोरिया के राज्य-प्रायोजित हैकिंग समूह ‘ट्रेडरट्रेटर’ से जुड़े हो सकते हैं। विशेषज्ञ इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि इस हमले की शैली पिछले साल ‘बायबिट पर हुए 1.5 अरब डॉलर के हमले और अन्य उत्तर कोरियाई साइबर हमलों से काफी मिलती-जुलती है।उल्लेखनीय है कि उत्तर कोरियाई सरकार पर लंबे समय से अपने परमाणु और हथियार कार्यक्रमों की फंडिंग के लिए क्रिप्टोकरेंसी की चोरी करने का आरोप लगता रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अकेले वर्ष 2025 में उत्तर कोरियाई हैकर्स ने कम से कम 2.02 अरब डॉलर की डिजिटल संपत्ति चुराई थी। अगर बाइनेंस में 6.3 अरब डॉलर की हानि की पुष्टि होती है, तो यह वैश्विक इतिहास में किसी भी वित्तीय प्रणाली पर हुआ, अब तक का सबसे बड़ा साइबर हमला बन जाएगा।
इतनी बड़ी चोरी की खबर के बावजूद बिटकॉइन और मुख्य डिजिटल संपत्तियों की कीमतों में अब तक भारी गिरावट नहीं देखी गई है। हैक की खबर आने के बाद बिटकॉइन की कीमत 80,000 से गिरकर 77,000 डॉलर के आसपास बनी हुई है, जिसे विश्लेषक क्रिप्टो बाजार की मजबूती का संकेत मान रहे हैं। विशेषज्ञों का हालांकि कहना है कि चूंकि बाइनेंस और कई प्रमुख एक्सचेंजों ने अस्थायी रूप से ट्रेडिंग और निकासी पर रोक लगा रखी है, इसलिए बाजार की वास्तविक प्रतिक्रिया ट्रेडिंग पूरी तरह बहाल होने के बाद ही सामने आएगी।अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियां और साइबर जांचकर्ता चोरी की गई राशि का पता लगाने में जुट गए हैं। जटिल ब्लॉकचेन नेटवर्क और मिक्सिंग सेवाओं के कारण हालांकि जांच में महीनों लगने की आशंका है।