
मेरठ, 2 नवम्बर। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा सामान्य निर्वाचन की तैयारियों को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने सोमवार को मेरठ में समीक्षा बैठक की। वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग की अध्यक्षता में हुई बैठक में मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद और अलीगढ़ मंडलों के 18 जिलों की निर्वाचन तैयारियों, प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।समीक्षा में मतदाता सूचियों, ईवीएम-वीवीपैट, चुनावी कर्मचारियों और वाहनों की उपलब्धता, संवेदनशील मतदान केंद्रों तथा मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों की प्रगति जैसे विषयों पर भी अधिकारियों से जानकारी ली गई। संबंधित अधिकारियों ने अपने-अपने मंडलों और जिलों की तैयारियों का पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण दिया।
बैठक मेरठ के साकेत स्थित पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के ऊर्जा भवन में हुई। इसमें प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा और मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।समीक्षा के दायरे में मेरठ मंडल के मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद और हापुड़; सहारनपुर मंडल के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली; मुरादाबाद मंडल के अमरोहा, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर और संभल तथा अलीगढ़ मंडल के अलीगढ़, एटा, हाथरस और कासगंज जिले शामिल हैं।
श्री रिणवा के अनुसार, आयोग के अधिकारी चुनाव के लिए कर्मचारियों और वाहनों की उपलब्धता, मतदाता सूचियों, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वोटर वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। इसके अलावा संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों की प्रगति भी समीक्षा के प्रमुख विषय हैं।बैठक में संबंधित मंडलों के मंडलायुक्त, पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक एवं उप महानिरीक्षक, जिला निर्वाचन अधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में अब तक की गई तैयारियों और व्यवस्थाओं का प्रस्तुतीकरण दिया। निर्वाचन प्रबंधन के साथ कानून-व्यवस्था और मतदान के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर भी चर्चा की गई।
निर्वाचन आयोग की योजना प्रदेश के शेष मंडलों और जिलों में भी चुनावी तैयारियों की समीक्षा करने की है। इस चरणबद्ध प्रक्रिया के तहत प्रशासनिक, तकनीकी और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का आकलन किया जाएगा, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जिलावार तैयारियों की स्थिति स्पष्ट हो सके।