
सहारनपुर, 02 नवम्बर । बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती के भतीजे एवं पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने सोमवार को सहारनपुर में भाजपा और समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने सपा को भाजपा की ‘बी टीम’ बताते हुए कहा कि अखिलेश यादव की राजनीतिक दिशा स्पष्ट नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और सपा, दोनों की सरकारों के कार्यकाल में प्रदेश में जंगलराज देखने को मिला।नकुड़ विधानसभा क्षेत्र के सोराणा में आयोजित बसपा की सभा को संबोधित करते हुए आकाश आनंद ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी का जनाधार मजबूत करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा के एक सत्र में अखिलेश यादव को अपना मित्र बताया था और कहा था कि वह समय-समय पर उनकी मदद करते हैं।
आकाश आनंद ने अखिलेश यादव पर राजनीतिक रुख बदलने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी दिशा तय नहीं है। वह कभी पीडीए में ‘पी’ का अर्थ पिछड़ा बताते हैं तो कभी पंडितों के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव में डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा रचित संविधान की पुस्तक दिखाकर दलित समाज को गुमराह किया और उसका समर्थन हासिल किया। उन्हें बताना चाहिए कि उन्होंने इस वर्ग के लिए क्या किया है।भाजपा की डबल इंजन सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि यह सरकार तेल ज्यादा पीती है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में अपनी छवि चमकाने के लिए विज्ञापनों पर सात हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 25 हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालय बंद किए गए हैं, जबकि डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों की भर्ती लंबित है। बेरोजगार युवा नौकरी के लिए भटक रहे हैं और अस्पतालों में बच्चों की जान बचाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
आकाश आनंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर बुलडोजर और मुठभेड़ की कार्रवाई को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि हत्या के सबसे अधिक मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज हैं।उन्होंने अखिलेश यादव की ओर से जयंत चौधरी के संबंध में की गई ‘चवन्नी को रुपया बनाने’ वाली टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए जाट समाज को साधने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का प्रशिक्षण हासिल किए बिना युवा भविष्य की प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाएंगे। उनके मुताबिक, 10 हजार रुपये के राशन से बेहतर 30 हजार रुपये की नौकरी है। युवाओं को रोजगार देकर आत्मनिर्भर बनाना ही प्रदेश के विकसित राज्य बनने की पहचान होगी। मुफ्त राशन और बेरोजगारी भत्ते से युवाओं का भविष्य नहीं बन सकता।
बसपा संयोजक ने अपनी बुआ मायावती के शासनकाल की कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की सराहना की।