
नयी दिल्ली, 03 नवंबर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 510 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। इसके साथ ही इस समूह के विभिन्न मामलों में अब तक कुल कुर्की/जब्ती का आंकड़ा लगभग 23,100 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।ईडी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्रवाई रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) एवं रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड/रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल/आरसीएफएल) के क्रमशः 247.12 करोड़ रुपये तथा 263.05 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले से संबंधित है।
आरकॉम मामले में महाराष्ट्र स्थित दो चार्टर्ड विमान, छह भूखंड और एक कार्यालय परिसर को कुर्क किया गया है। वहीं, आरएचएफएल/आरसीएफएल मामले में तमिलनाडु स्थित दो पवन चक्की, बैंक जमा राशि, सावधि जमा और निवेश/प्राप्य राशियां शामिल हैं।जांच एजेंसी ने बताया कि यह कार्रवाई सीबीआई दिल्ली, आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) दिल्ली और मुंबई द्वारा दर्ज विभिन्न प्राथमिकियों के आधार पर शुरू की गई थी। ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि समूह बैंकों और वित्तीय संस्थानों से सार्वजनिक धन की हेराफेरी, कॉरपोरेट संपत्तियों के व्यक्तिगत उपयोग और धन को विदेशों में भेजने में शामिल था। इस राशि का एक बड़ा हिस्सा प्रमोटरों और उनके परिवार के व्यक्तिगत लाभ के लिए उपयोग किया गया।
मामले में अब तक ईडी ने 10 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, पीएमएलए के तहत छह अभियोजन शिकायतें और फेमा के तहत एक शिकायत दर्ज की जा चुकी है। एजेंसी के अनुसार मामले की जांच जारी है।